68 हजार ग्राम प्रहरियों को कैशलेस इलाज के साथ अब 3500 रुपये मानदेय

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By EditorPublished On: October 13, 2026

बरेली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने के साथ ही उनके परिवारों को पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस इलाज की सौगात दी। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ उनकी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
 
बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की करतूतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में यूपी के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है। जो लोग पहले सौ कदम दूर रहते थे, आज यूपी का नाम सुनकर गले मिलने आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल दी है।
 
शहर में सीसीटीवी, गांव में ग्राम प्रहरी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, गांवों में ग्राम प्रहरी वही भूमिका निभाएं। संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और जमीन कब्जाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। थानाध्यक्ष अथवा हलके के दारोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें। इससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और छोटी घटनाओं को बड़ा विवाद बनने से रोका जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी ने गृह विभाग को रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए।
 
पहले सत्ता में बैठे लोग ही कराते थे लूटपाट
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट कराते थे। पुलिस भी कार्रवाई करने में असहाय रहती थी। अब अपराधियों के मन में कानून का भय है। शहरों में सीसीटीवी और एआई तकनीक से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी हो रही है। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कठोर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माफिया मिट्टी में मिल गए हैं। प्रदेश में अब दंगा और उपद्रव नहीं होता। कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश, व्यापार और रोजगार बढ़े हैं।
 
शक्तिपीठों पर भीड़ बदली व्यवस्था का प्रमाण
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले नवरात्र और दूसरे पर्वों पर उपद्रव की आशंका रहती थी। अब नवरात्र के प्रथम दिन से ही गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। विंध्यवासिनी धाम में पिछले दिनों सवा दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सीतापुर के ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर की शाकंभरी पीठ पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। यह भयमुक्त वातावरण का परिणाम है।
 
ग्राम प्रहरी की सूचना टाल सकती है अनहोनी
मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों की सूचना भी प्रशासन को देने को कहा। मुख्यमंत्री योगी ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बिजनौर का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर मिली सूचना बड़ी अनहोनी रोक सकती है। बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश की 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांवों में ग्राम प्रहरियों की सजगता महत्वपूर्ण है। गांव सुरक्षित होंगे तो आत्मनिर्भर बनेंगे। इससे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।
 
11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। इनमें बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। समारोह में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।
 
सुरेश खन्ना बोले- ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया सम्मान
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय बढ़ाकर ग्राम प्रहरियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। ग्रामीण शांति व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा किया।
 
धर्मपाल सिंह बोले- सपा का पीडीए फेल
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गांवों में अब चोरी और गुंडागर्दी का भय नहीं है। सरकार की आलोचना करने वालों को ग्रामीण स्वयं जवाब देते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पीडीए फेल हो चुका है। भाजपा के पीडीए का अर्थ पहली बार 2017, दूसरी बार 2022 और अगली बार 2027 बताया।
 
डीजीपी बोले- गांव और थाने के बीच महत्वपूर्ण कड़ी
अपने संबोधन से पहले पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी को मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। वहीं संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव और थाने के बीच सूचना एवं संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अपराध, भूमि विवाद और शांति भंग की आशंका की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साइबर ठगी और सोशल मीडिया की अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें। डिजिटल वालंटियर्स और व्हाट्सऐप समूहों से सूचना तंत्र मजबूत होगा।
 
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
समारोह में मंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय सिंह गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद मौजूद रहे।