गोल्ड ट्रेडिंग में पहले दिया मुनाफा, फिर निकासी के नाम पर वसूले 40 लाख से ज्यादा रुपये

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By EditorPublished On: October 11, 2026

कानपुर
यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गोविंदनगर में साइबर ठगों ने गोल्ड ट्रेडिंग के जरिये ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर की ठगी 40.32 लाख रुपये कर ली। आरोप है कि ठगों ने निवेश पर लाभ देकर भरोसा जीता और बाद में रकम निकालने के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूल किए। पीड़ित ने गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

दबौली पी-ब्लाक निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार उन्होंने जनवरी 2026 को मर्गन मैक्स कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश शुरू किया था। शुरुआत में 50 हजार रुपये लगाए। अगले दिन उनके खाते में पांच हजार रुपये लाभ के रूप में आए। इससे भरोसा होने पर उन्होंने आगे निवेश किया। इस दौरान कंपनी ने अपनी वेबसाइट और नाम भी बदल लिया। इसके बाद उन्होंने चार चरणों में कुल चार लाख रुपये जमा किए। ट्रेडिंग खाते में उनकी रकम बढ़कर 68085.75 डॉलर दिखाई देने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया।

आरोप है कि भुगतान करने के बजाय कंपनी की ओर से विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 40.32 लाख रुपये की रकम ले ली गई। महेंद्र सिंह के अनुसार रकम निकालने के लिए 2193 डॉलर की और मांग की गई। तब उन्हें धोखधड़ी का एहसास हुआ। थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जा रही है।

3.09 लाख का भुगतान करे कंपनी
उधर, राणा प्रताप नगर निवासी योगेन्द्र नाथ पांडेय ने एस समीर डायरेक्टर मेसर्स ड्रीम इंफ्रावेंचर ड्रीम्स प्लाजा अपोजिट फोनिक्स मॉल नियर एलडीए मार्केट आलमबाग लखनऊ और टीम हेड नसीम हसन पर चार जून 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज कराया था। बतौर आरोप उन्होंने कंपनी के प्रोजेक्ट में प्लॉट के लिए आवेदन किया था। इसके लिए 2.06 लाख रुपये जरिये चेक जमा किया था। कंपनी द्वारा सही जानकारी और जमा धनराशि का विवरण न देने पर प्लॉट नहीं लिया और रुपये वापस मांगे।

कंपनी की ओर से धनराशि को दूसरे प्लान में ड्रीम्स स्पर्श पैराडाइसेस से ग्रोथ बेनिफिट में लगाया। और 3.09 लाख रुपये 30 माह में देने की बात तय हुई। एग्रीमेंट 25 अगस्त 2019 को हुआ और 26 सितंबर को पहली किस्त में 10 हजार रुपये चेक से भुगतान किया गया। इसके बाद किस्तें नहीं दीं। नोटिस के बावजूद विपक्षी अपना पक्ष रखने उपस्थित नहीं हुए। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य वन्दना सिंह ने 45 दिनों के भीतर 3.09 लाख रुपये देने के आदेश दिए। इसके साथ ही 20 हजार रुपये शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए।