भोपाल के हज यात्रियों के लिए खुशखबरी, मक्का में मुफ्त ठहर सकेंगे हाजी; 4 साल बाद लौटी सुविधा

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By EditorPublished On: October 10, 2026

भोपाल
 भोपाल के आजमीन-ए-हज के लिए राहत की खबर है। करीब चार साल बाद मक्का मुकर्रमा स्थित ऐतिहासिक भोपाल रुबात में हज यात्रियों के ठहरने की सुविधा फिर बहाल हो गई है। हज 2027 के लिए रुबात में ठहरने वाले हाजियों का कुर्रा शनिवार, 17 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मोती मस्जिद में निकाला जाएगा।

औकाफ-ए-शाही, भोपाल की कार्यकारी-सह-सलाहकार कमेटी की बैठक में हज 2027 की तैयारियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। कमेटी के अनुसार सऊदी सरकार के नए दिशा-निर्देशों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत रुबात में हाजियों के ठहरने से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं और व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं।

रुबात की सुविधा बहाल होने की जानकारी अधिकारिक रूप से सिकंदर हाफिज ने वीडियो जारी कर भी दी।

अफवाहों से दूर रहने की सलाह
हाफिज ने बताया कि आजमीन-ए-हज को मुबारकबाद देते हुए कहा कि शहर में रुबात को लेकर कुछ लोगों द्वारा गलत अफवाहें फैलाई जा रही थीं, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मदीना मुनव्वरा की रुबात का मामला वहां की अदालत में है और जल्द ही इसके भी सुलझने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वे भोपाल, सीहोर और रायसेन के लोगों को वहां निशुल्क ठहरने की व्यवस्था की जानकारी देंगे। वर्षभर मिले सुविधा हाजी इमरान रुबात खुलने के फैसले का स्वागत करते हुए कौमी खिदमतगार भोपाल के हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने मांग की है कि वक्फ रुबात की सुविधा केवल हज के दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

सराहनीय पहल
उन्होंने कहा कि उमरा सहित पूरे वर्ष मक्का-मदीना जाने वाले भोपाल के यात्रियों को भी पूर्व की तरह रुबात में ठहरने की सुविधा मिलनी चाहिए।

हाजी इमरान हारून ने कहा कि भोपाल के हज यात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए रुबात में लंबे समय से ठहरने की सुविधा पहले उपलब्ध रही है। करीब चार वर्ष बाद हज यात्रियों के लिए इसे दोबारा खोला जाना सराहनीय पहल है।

औकाफ-ए-शाही ने जनता और हाजियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। कमेटी ने कहा कि हाजियों की सुविधा और कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जा रही हैं।