भोपाल
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह एवं प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह के निर्देशानुसार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए तैयार कार्ययोजना के अंतर्गत 05 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सात जिलों में औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने सीहोर, मंडला, मुरैना, धार, सतना, उज्जैन एवं छतरपुर जिलों में यादृच्छिक आधार पर चयनित कुल 35 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
इनमें लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल संबंधी 21 कार्य, परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के 04 भवन कार्य, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 06 कार्य, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 03 कार्य तथा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का 01 कार्य शामिल था।
निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल तथा प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय वास्तव सहित मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे।
मंडला मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण की गुणवत्ता की सराहना
निरीक्षण के दौरान मंडला जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन नवीन मेडिकल कॉलेज भवन का कार्य संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण पाया गया। इसके लिए संभागीय प्रबंधक मानवेंद्र सिंह सेंगर, प्रबंधक सुभेश पांडे, प्रबंधक मयंक जैन तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बीपीसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, रांची की सराहना की गई।
निरीक्षण किए गए कुल 35 कार्यों में से 18 कार्यों में आवश्यकतानुसार आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए। प्रबंध संचालक भरत यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औचक निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतों का समयबद्ध एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें
समीक्षा बैठक में प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण शिकायतकर्ता को अवगत कराते हुए संतुष्टिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए। मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण यंत्री स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें, ताकि आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार हो।
लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित 04 दिवस की समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा ऐप के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन
प्रबंध संचालक ने सभी अधिकारियों को निर्माण परियोजनाओं में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित कराने तथा सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में सड़क सुरक्षा से संबंधित मानकों एवं नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।
सड़क मरम्मत के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य, सड़क किनारे झाड़-झंखाड़ की सफाई, रोड मार्किंग तथा साइन बोर्ड की मरम्मत एवं पेंटिंग निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सड़कों एवं पुल-पुलियाओं के आवश्यक संधारण कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
30 अक्टूबर तक गड्ढों की मरम्मत एवं ब्लैक स्पॉट सुधार के निर्देश
सड़कों की मरम्मत के लिए आवश्यकतानुसार अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन कार्ययोजनाएं तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़कों के सभी छोटे-बड़े गड्ढों की मरम्मत तथा ब्लैक स्पॉट सुधार के कार्य 30 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा एवं मॉडर्न स्कूल जंक्शन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव संबंधित शाखा को भेजने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही, नवीन लक्ष्यों के अनुरूप लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।









