₹6 हजार करोड़ के ड्रग केस में बढ़ी हलचल, SIT ने मजीठिया और जगदीश भोला को पूछताछ के लिए बुलाया

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By EditorPublished On: October 5, 2026

पटियाला

करीब छह हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और बर्खास्त डीएसपी जगदीश सिंह भोला आज विशेष जांच टीम के सामने पेश होंगे।जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था। एफआईआर में 2004 से 2014 के बीच की गतिविधियों का उल्लेख था। पंजाब सरकार ने अदालत में कहा था कि बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच हो रही है। मजीठिया को अगस्त 2022 में इस मामले में जमानत मिली थी। 

इस मामले में बर्खास्त DSP जगदीश सिंह भोला को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी दोनों को एक साथ बैठाकर सवाल-जवाब कर सकती है। SIT की जांच में पुराने बयानों के साथ ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मामले की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। भोला का नाम भी ड्रग रैकेट की जांच से जुड़ा रहा है।

क्या है मामला…

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की थी FIR 20 दिसंबर 2021 को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-A और 29 लगाई गई थीं। FIR का आधार 2018 की STF रिपोर्ट को बताया गया था। पुलिस का आरोप था कि मजीठिया के कुछ ऐसे लोगों से संबंध थे, जिन पर ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप थे।

मजीठिया की भूमिका की जांच FIR में गतिविधियों की अवधि 2004 से 2014 बताई गई थी। मामले में जगदीश सिंह भोला, जगजीत सिंह चहल, मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख और अन्य लोगों के बयानों का भी उल्लेख हुआ। पंजाब सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि इन बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच की जा रही है।

अगस्त 2022 में मिली थी जमानत हालांकि मजीठिया ने इस केस में कानूनी लड़ाई लड़ी और 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर से चुनावी मैदान में उतरे थे। इसके बाद वह जेल गए। अगस्त 2022 में उन्हें जमानत मिल गई थी। मजीठिया इस केस पर पहले से ही सवाल उठाते आए हैं।

पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की मजीठिया का कहना है कि यह एनडीपीएस का मामला है, जिसमें पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने नशा तस्करी में पकड़े गए कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं।