जलभराव और जल संकट से निपटने के लिए भिलाई में शुरू होगा ड्रोन सर्वे और जीआईएस मैपिंग

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By EditorPublished On: October 4, 2026

भिलाई
 जलभराव, जल निकासी और भूजल संरक्षण की समस्याओं से निपटने के लिए भिलाई नगर निगम एकीकृत शहरी जल प्रबंधन योजना तैयार कर रहा है। इसमें ड्रेनेज, वर्षाजल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, पेयजल, सीवरेज और जल गुणवत्ता को एक साथ शामिल किया जाएगा। जीआईएस मैपिंग, ड्रोन सर्वे और फील्ड डेटा के आधार पर शहर की जल संरचनाओं और निकासी व्यवस्था का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। इससे जलभराव वाले क्षेत्रों और उनके कारणों की पहचान कर सुधार कार्यों की प्राथमिकता तय की जा सकेगी।

80 वर्ग किमी क्षेत्र का ड्रोन सर्वे
योजना के तहत 75 से 80 वर्ग किमी क्षेत्र और करीब 350 किमी सड़क व ड्रेनेज कॉरिडोर का ड्रोन सर्वे प्रस्तावित है। सर्वे के आंकड़ों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर शहर के जल प्रबंधन की एकीकृत तस्वीर तैयार की जाएगी।

पेयजल-सीवरेज की भी होगी निगरानी
जीआईएस मैपिंग से पेयजल लाइनों और सीवरेज के संभावित क्रॉस-कनेक्शन, लीकेज और संदूषण वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। 24 चिह्नित बोरवेल सहित चयनित स्थानों से पानी के नमूनों की जांच भी कराई जाएगी।

जलभराव वाले स्थानों की होगी जियो-टैगिंग
जलभराव वाले क्षेत्रों की जियो-टैगिंग कर ड्रेनेज क्षमता, रुकावट, अतिक्रमण और निकासी में आने वाली बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। इसके आधार पर सुधार कार्यों की योजना तैयार की जाएगी।

बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर
नगर निगम बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज वेल और रिचार्ज पिट विकसित करने की संभावनाएं तलाशेगा। उपयुक्त स्थानों पर ऐसी संरचनाएं बनाकर बारिश के पानी को सीधे नालियों में बहने से रोका जाएगा। इससे वर्षाजल का उपयोग भूजल रिचार्ज में होगा और भविष्य में जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के मुताबिक, जलापूर्ति, ड्रेनेज, वर्षाजल, भूजल, सीवरेज और जल गुणवत्ता को एकीकृत रूप से देखने की जरूरत है। जीआईएस, ड्रोन सर्वे और फील्ड डेटा से तैयार डिजिटल डेटाबेस के आधार पर समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के साथ समाधान की योजना बनाई जा सकेगी।