केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में गौपालक सम्मेलन और न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी के खंड क्रमांक 1 से 10 तक का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में नई न्यायिक संहिताओं के प्रावधानों, उनके प्रभाव तथा आमजन को मिलने वाले लाभों की जानकारी प्रदर्शित की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने प्रदर्शनी में नई न्यायिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पुलिस की उपलब्धियों से संबंधित खंडों का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने 5 गौपालक दीदियों का सम्मान भी किया। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ का वितरण किया।
उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत के प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ की लागत से बनी अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला, शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया।
इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। साथ ही, रोजगार व स्व-रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा। कार्यक्रम में कृषि पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में नगर वन विकसित करने के लिए केआरआईबीएचओ और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच एमओयू हुआ। इस पहल का उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है।
नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा और शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तारीफ की और उन्हें व टीम को बधाई दी। उन्होंने गौपालकों के हितों के लिए किए गए कार्यों के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव को साधुवाद भी दिया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के लिए 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने यह भी कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्यप्रदेश को नशा मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
दुनिया में सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी भारतीय न्याय संहिता
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि गौपालकों के इस सम्मेलन में आए भाई-बहनों की संख्या मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए शुभांकर है। आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है।
हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी। लेकिन, अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद तीन वर्ष में दोषी को सजा दिलवाने का प्रावधान है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे। नई न्याय संहिता का मूलमंत्र न्याय है, दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी।
शीघ्र ही भारतीय न्याय संहिता दुनिया में सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था है।
एमपी हासिल करेगा बड़ा लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में सहकारिता से जुड़े लोग 75 साल के सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार देश में सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की। इसका सबसे बड़ा फायदा गौपालक भाई-बहनों को होने वाला है।
बिचौलियों को दूध बेचने से दुग्ध उत्पादकों को केवल 35 रुपए लीटर दाम मिलता है, लेकिन सहकारी समितियों को दूध बेचने पर पहले दिन से 55 रुपए लीटर कीमत मिलेगी। हमारी सरकार मिल्क प्रोसेसिंग कर दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद करने के लिए इकोसिस्टम तैयार कर रही है। आज उज्जैन में 255 करोड़ लागत के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि-पूजन हुआ है।
भोपाल में 17 करोड़ की लागत से सांची दुग्ध संघ के संयंत्र बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल में 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला बनाई गई है। वहीं, शिवपुरी में साढ़े 6 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी यूनिट को भी बनाया जाएगा। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए बोनस की सौगात दी गई है।
गौपालक दीदीयों का सम्मान भी हुआ है। प्रदेश में 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंस की नस्ल सुधार का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे गोमाता बीमार नहीं होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नई प्रजनन तकनीक से गाय केवल बछिया ही जनेगी।
अगले तीन साल में मध्यप्रदेश सरकार दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक लेकर जाने के लिए कार्य करेगी। यह बड़ा लक्ष्य है। गुजरात ने इसे कर दिखाया है। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश की आजादी के बाद वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था।
लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के बाद 10 साल में ही यह 25 करोड़ टन से अधिक हो गया है। केंद्र और हमारी राज्य सरकारों की गौपालकों के लिए प्रतिबद्धता से यह लक्ष्य हासिल होता है। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गया है।
भारत अब दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर रहा है। देश के दूध उत्पादक अग्रणी 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं, ये सभी राज्य बीजेपी शासित राज्य हैं। कांग्रेसी राज्यों में यह काम नहीं होता, क्योंकि उनका काम केवल रैलियां निकालना, विरोध करना और नकारात्मकता फैलाना है।
75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने का संकल्प लिया है। हमारा निर्यात आज बढ़कर 5000 करोड़ तक पहुंच गया है। यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में भारत निर्यात करता है। हमने अब श्वेत क्रांति 2.0 का शुभारंभ किया है।
केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 46 हजार डेयरियों को मजबूत किया जाएगा। नई डेयरी समितियों के लक्ष्य में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। केंद्र सरकार ने नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने को गति दी है।
पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार तैयार करने, गोबर से बायोगैस, गोबर से उत्पाद तैयार करने, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भधान के लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निमार्ण और ग्रामीण रोजगारी के लिए 5 मॉडल बनाए गए हैं।
मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव तक गोबर के उत्पाद तैयार करने का मॉडल भी तैयार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक विकास का मॉडल भी जुड़ता है। देश में कुपोषण से लड़ाई में भी डेयरी अहम भूमिका निभा रही है।
हम मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने क लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 से पहले नशा मुक्त करना है। इसके लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। मैं गौपालकों को बधाई देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आश्वस्त करता हूं कि दूध उत्पादन के लिए 50 लाख लीटर का लक्ष्य कठिन है, लेकिन केंद्र सरकार हम कदम पर मध्यप्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।
प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में अद्भुत राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा, महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से 17 विभागों को एक साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं।
किसान भाइयों की आय गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। प्रदेश में प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर से अधिक दूध उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।
मैं भी एक किसान परिवार से आता हूं। इसलिए पशुपालक और गौपालकों की परेशानियों को अच्छी तरह समझता हूं। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन, केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन 12 लाख लीटर दूध दुग्ध समितियों के माध्यम से खरीदा जा रहा है। इसी के परिणाम स्वरूप किसानों को अब 55 रुपये प्रति लीटर तक का भाव मिल रहा है।
मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात है डेयरी प्लांट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन के संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता के लिए 255 करोड़ लागत के डेयरी प्लांट का भूमि पूजन किया जा रहा है। इसकी क्षमता 3 लाख लीटर दूध प्रतिदिन होगी। यह राज्य के लिए बड़ी सौगात है। भोपाल में 17 करोड़ की लागत से डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया जा रहा है।
भोपाल में एक लैबोरेट्री और शिवपुरी में चिलिंग प्लांट का लोकार्पण किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शाह के कर कमल से आज मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में चार बड़ी सौगातें मिल रही है। दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। जिन गांवों में अभी दुग्ध समितियां नहीं हैं, वहां समितियां बनाई जाएंगी। दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाकर दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 6 दुग्ध संघ संचालित हैं। इनके बेहतर प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, लेकिन उन्नत नस्ल के अभाव में दूध उत्पादन क्षमता कम है। हमारे पड़ोसी गुजरात राज्य में पशुधन एक चौथाई काम है, लेकिन दूध उत्पादन एक चौथाई अधिक होता है। राज्य में गिर, साहिवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा।
हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3500 गौशालाएं हैं, इनमें 5 लाख गौवंश का संरक्षण हो रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन गांव विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर के साथ-साथ गौशालाओं के माध्यम से भी दूध उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 प्रति गाय किया गया है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। इस योजना में 40 लाख की लागत से 25 गाय पालने पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले गौ पालक को 1 लाख, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय को 25 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 406 गौ एंबुलेंस संचालित हैं। अब 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू की जाएंगी। ये एंबुलेंस गौ माता की सेवा और उपचार के लिए काम करेंगी। प्रदेश में पशु मेले बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद राज्य परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्य प्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में 50 लाख से अधिक निशुल्क रजिस्ट्री की जा रही है।
12 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंचा है दूध का कलेक्शन
गौपालक सम्मेलन में वरिष्ठ विधायक और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शाह की उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।
केंद्रीय मंत्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है।
प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का 8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि लाना है। केंद्रीय मंत्री शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
आगामी वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रदेश में दुग्ध क्षेत्र को मिली नई सौगात
केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में रिमोट द्वारा हित लाभ वितरण करने के अलावा विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया।
इसके साथ ही भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया।
दुग्ध संघों को बोनस, गौशालाओं को मिली सहायता राशि
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शाह ने भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस राशि और पंजीकृत गौशालाओं को सहायता राशि का वितरण किया। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों का सम्मान करते हुए कुल 15.10 करोड़ रुपये के लाभांश का वितरण किया गया।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री शाह ने 5 गोपालक दीदियों को सम्मानित किया और डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। सम्मेलन में मध्यप्रदेश मे दुग्ध क्रांति का सूत्रपात और कृषि वर्ष पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।








