रियल एस्टेट कारोबारी बंटी नागर ने आत्महत्या करने से पहले TNC के कथित दलाल ‘कुशल’ को दी थी 5 करोड़ की रिश्वत?

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By Raj RathorePublished On: September 29, 2026
Bunty Nagar Case Bribery Angle

रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की मौत की जांच में अब कनाड़िया क्षेत्र की एक जमीन से जुड़े विवाद का नया बिंदु सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, बंटी नागर पिछले करीब दो महीने से इस विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे।

इसी के साथ उनकी चार प्रोजेक्ट कॉलोनियों की फाइलों के अटकने और उन्हें क्लियर कराने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम दिए जाने की जानकारी भी जांच के दायरे में आई है।

हालांकि, इन दावों की अभी पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले को फिलहाल जांच के एक संभावित एंगल के तौर पर देखा जा रहा है।

कनाड़िया की जमीन को लेकर दो महीने से चल रही थी कवायद

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बंटी नागर कनाड़िया क्षेत्र की एक जमीन से जुड़े विवाद को लेकर पिछले करीब दो महीने से लगातार प्रयास कर रहे थे। जमीन को लेकर क्या विवाद था और इसमें कौन-कौन से पक्ष शामिल थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि बंटी नागर इस मामले को किसी तरह सुलझाना चाहते थे। इसी दौरान उनके सामने प्रोजेक्ट से जुड़े दूसरे प्रशासनिक और दस्तावेजी अड़चनें भी बनी हुई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन विवादों का बंटी नागर की मानसिक और कारोबारी स्थिति पर कितना असर था।

चार कॉलोनियों की फाइलें भी अटकी थीं

बंटी नागर के चार प्रोजेक्ट की कॉलोनियों से जुड़ी फाइलें अटकी होने की जानकारी भी सामने आई है। इन्हें क्लियर कराने के लिए वह ‘कुशल’ नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में आए थे।

सूत्रों के मुताबिक, फाइलों को आगे बढ़ाने और क्लियर कराने के नाम पर करीब 5 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत दिए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस रकम के लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि चार में से दो फाइलें धारा 16 के तहत क्लियर भी करवा दी गई थीं। इसके बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

दो फाइलें अटकीं, क्लियर हुई फाइलों पर भी संकट

जानकारी के मुताबिक, चार फाइलों में से दो फाइलें आगे नहीं बढ़ सकीं और अटक गईं। वहीं, जिन दो फाइलों को क्लियर कराने का दावा किया जा रहा है, बाद में उनका मामला भी फिर उलझ गया।

इस पूरे घटनाक्रम में कथित तौर पर दी गई करीब पांच करोड़ रुपए की रकम भी फंसने की बात सामने आ रही है। अब जांच का एक अहम बिंदु यह है कि अगर इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ था तो पैसा किसे दिया गया, किस माध्यम से दिया गया और इसके बदले किस स्तर पर काम कराने का दावा किया गया था।

‘कुशल’ कौन? पुलिस खंगाल रही संपर्क और लेनदेन

इस मामले में ‘कुशल’ नाम के व्यक्ति की भूमिका भी जांच का विषय बन सकती है। बंटी नागर उससे किस माध्यम से संपर्क में आए, कितनी बार बातचीत हुई और फाइलों को लेकर क्या आश्वासन दिया गया था, इसकी जानकारी मोबाइल और अन्य रिकॉर्ड से सामने आ सकती है।

पुलिस ने बंटी नागर के दोनों मोबाइल फोन जब्त किए हैं। ऐसे में कॉल डिटेल, मैसेज, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल जानकारी इस एंगल की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

यदि कथित पांच करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य मिलते हैं, तो जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

क्या जमीन विवाद और फाइलों का अटकना आपस में जुड़ा था?

अब पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि कनाड़िया की जमीन का विवाद और चार कॉलोनियों की अटकी फाइलों के बीच कोई संबंध था या नहीं।

क्या बंटी नागर पर अलग-अलग कारोबारी मामलों को लेकर दबाव था? क्या फाइलों को क्लियर कराने के लिए किसी मध्यस्थ के जरिए बड़ी रकम का लेनदेन हुआ था? और अगर हुआ था तो बाद में वह रकम क्यों फंस गई? इन सवालों के जवाब जांच के दौरान तलाशे जा रहे हैं।

फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

महिलाओं से जुड़े कारोबारी विवाद भी जांच में

बंटी नागर के कारोबारी संबंधों की जांच के दौरान तीन महिलाओं से जुड़े अलग-अलग विवादों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें प्रोजेक्ट और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद बताए जा रहे हैं।

इनमें से एक मामले में योगिता अजमेरा से जुड़े कारोबारी लेनदेन और प्रोजेक्ट के मुनाफे को लेकर विवाद की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस एंगल की भी पुलिस से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बाकी दो महिलाओं से जुड़े मामलों का खुलासा जांच आगे बढ़ने के साथ किया जाएगा।

मोबाइल और दस्तावेजों से खुल सकता है पूरा मामला

बंटी नागर की मौत के मामले में अब पुलिस के सामने कई कारोबारी कड़ियां हैं। कनाड़िया की जमीन का विवाद, चार कॉलोनियों की फाइलें, कथित पांच करोड़ रुपए का लेनदेन और अलग-अलग कारोबारी विवाद—इन सभी को अलग-अलग स्तर पर जांचा जा रहा है।

पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेज, प्रोजेक्ट से जुड़े कागजात और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मौत से पहले बंटी नागर किन आर्थिक और कारोबारी उलझनों से गुजर रहे थे।

फिलहाल कनाड़िया जमीन विवाद और कथित पांच करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़ी जानकारी की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे जांच में सामने आए संभावित एंगल के तौर पर ही देखा जा रहा है।