भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस पब्लिक स्कूल, नेहरू नगर में महिला पुलिस कर्मियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए 60 बच्चों की क्षमता वाले नवनिर्मित वात्सल्य झूलाघर (डे-केयर सेंटर) का पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा शुभारंभ किया गया। झूलाघर की सुविधा से ड्यूटी के दौरान छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सुविधा एवं राहत मिलेगी।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला आरक्षक, महिला सब इंस्पेक्टर, डीएसपी सहित विभिन्न रैंक पर महिला अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। वर्तमान समय में पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने की स्थिति भी सामान्य है। पहले संयुक्त परिवार व्यवस्था में दादा-दादी अथवा परिवार के अन्य सदस्य बच्चों की देखभाल कर लेते थे, लेकिन बदलते समय में नौकरी के लिए परिवार से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में छोटे बच्चों की देखभाल एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की उचित देखभाल बहुत जरूरी है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। पुलिस सेवा की प्रकृति ऐसी है कि कई बार लंबी अवधि तक ड्यूटी करनी पड़ती है, देर रात तक ड्यूटी रहती है तथा त्योहारों के अवसर पर भी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में झूलाघर जैसी सुविधा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सहयोग करेगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों की देखभाल की समुचित व्यवस्था पुलिस परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। इससे विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक दायित्वों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगी।
झूलाघर के शुभारंभ अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी. निवास वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सोलोमन यश कुमार मिंज, भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
इसी अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के लिए गरबा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।









