मध्य प्रदेश के बस माफिया पर उठे सवाल, अलग-अलग राज्यों के दस्तावेजों से चला रहे बसें, हादसों में जा रही यात्रियों की जान

Author Picture
By Raj RathorePublished On: September 24, 2026

मध्य प्रदेश से संचालित कुछ बसों के अलग-अलग राज्यों के दस्तावेजों के साथ संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालिया यमुना एक्सप्रेसवे हादसे में 9 यात्रियों की मौत के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।

हादसे वाली बस का रजिस्ट्रेशन बिहार का था, जबकि उसके मालिक का संबंध मध्य प्रदेश के छतरपुर से बताया गया है। बस का फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी हुआ था।

यमुना एक्सप्रेसवे हादसा सबसे ताजा मामला

23 सितंबर की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हुई। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। पुलिस के अनुसार बस का नंबर BR32PA8647 था। हादसे के बाद चालक और कंडक्टर को हिरासत में लिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक बस का संचालन मध्य प्रदेश की कंपनी राज कल्पना ट्रैवल्स से जुड़ा था। बस बिहार में रजिस्टर्ड थी, फिटनेस राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी हुआ था। इसके अलावा बस पर करीब 1.75 लाख रुपये के 19 चालान भी बताए गए हैं।

पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

जुलाई 2026 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे में 8 यात्रियों की मौत हुई थी। वहीं अगस्त में लखनऊ से इंदौर जा रही स्लीपर बस राजगढ़ के ब्यावरा बायपास पर दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इस हादसे में 4 लोगों की मौत और 12 लोग घायल हुए थे।

एक नंबर पर दो बसें मिलीं

सितंबर 2026 में सागर और रायसेन के बेगमगंज में एक ही दिन एक ही पंजीयन नंबर MP10P0603 वाली दो अलग-अलग यात्री बसें जब्त की गईं। दोनों बसों के राहतगढ़ से संचालित होने की जानकारी सामने आई है।

परिवहन विभाग अब जांच कर रहा है कि दोनों में वास्तविक और वैध पंजीयन वाली बस कौन-सी है और एक ही नंबर से दो बसों का संचालन कैसे हुआ।

अलग-अलग राज्यों के दस्तावेजों से संचालन पर सवाल

मामले में सवाल यह भी उठ रहा है कि कुछ बस ऑपरेटर अलग-अलग राज्यों के परिवहन नियमों और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बसों का संचालन कर रहे हैं।

एक राज्य से रजिस्ट्रेशन, दूसरे राज्य से फिटनेस और किसी अन्य राज्य से प्रदूषण प्रमाणपत्र लेकर बसों को अलग-अलग राज्यों में चलाने की व्यवस्था सामने आने के बाद परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

त्योहारों के सीजन में बढ़ी चिंता

त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और इस दौरान बड़ी संख्या में यात्री बसों से सफर करते हैं। ऐसे में बसों के परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और संचालन की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग बसों की जांच और नियमों के पालन पर सख्ती से नजर रखें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो।