मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई टिप्पणी के बाद चर्चा में हैं।
मंत्री ने पहले पार्षद के काम और सक्रियता की तारीफ की, इसके बाद उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि “संध्या दीदी की भी जरा चौड़ाई बढ़ गई, थोड़ी सी।” इस टिप्पणी के बाद मंच पर मौजूद नेताओं के बीच हंसी सुनाई दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पहले संध्या यादव के काम की तारीफ की
विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में संध्या यादव के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वे काफी काम करती हैं, हालांकि उन्हें गुस्सा भी जल्दी आता है। उन्होंने कहा कि लोग उनसे शिकायत करते हैं कि समय पर जाने पर संध्या डांट देती हैं, लेकिन वे दिल की बुरी नहीं हैं और बहुत अच्छी हैं।
संध्या दीदी की चौड़ाई बढ़ गई है… इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिला पार्षद की बॉडी पर की टिप्पणी, देखें वायरल वीडियो pic.twitter.com/v9JgbMB8PE
— Raj Rathore (@Rajrathore_18) September 21, 2026
मंत्री ने कहा कि महिलाओं पर घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारियां होती हैं। उन्होंने कहा कि किसी काम करने वाले व्यक्ति का मूड अलग हो सकता है और ऐसी स्थिति में लोग नाराज हो जाते हैं, तो सामने वाला भी नाराज हो जाता है।
बेटे आकाश के पत्र का किया जिक्र
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनके पास विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 की समस्याओं से जुड़े पत्र आते हैं और उन पर हस्ताक्षर के लिए कहा जाता है, तो वे सबसे पहले संध्या यादव के वार्ड का नाम देखते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके वार्ड का नाम ऐसे मामलों में सबसे पहले आता है। इसके जरिए उन्होंने संध्या यादव के क्षेत्र में किए जा रहे काम का उल्लेख किया।
मयंक को देखकर फिर की ‘चौड़ाई’ वाली टिप्पणी
इसी दौरान विजयवर्गीय की नजर बीजेपी नेता मयंक पर गई। उन्होंने कहा कि “अरे मयंक जी, दिखे ही नहीं आप मुझे।” इसके बाद उन्होंने देखा कि मयंक संध्या यादव के बगल में बैठे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने कहा, “अच्छा संध्या दीदी के बगल में बैठे हैं… संध्या दीदी की भी जरा चौड़ाई बढ़ गई, थोड़ी सी।” इसके बाद उन्होंने मयंक को लेकर कहा कि वे हर कार्यक्रम में आगे रहते हैं और उन्हें माफ करना।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर साधा निशाना
विजयवर्गीय ने इंदौर में हुए राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां से जुड़े कथित मिमिक्री विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर मां का अपमान करने वाले लोगों को माफ किया जा सकता है या नहीं, इस पर विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में मां का स्थान सर्वोच्च है और भगवान से पहले मां के चरण स्पर्श करने चाहिए, क्योंकि भगवान भी मां की कोख से जन्म लेते हैं।
बोले- ‘देश की चिंता नहीं, कुर्सी की चिंता’
विजयवर्गीय ने कहा कि वे देश, समाज और विकास के लिए राजनीति करते हैं। उनके मुताबिक राजनीति का उद्देश्य देश और समाज का विकास तथा लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को देश की चिंता के बजाय कुर्सी की चिंता है। विजयवर्गीय ने राजनीतिक मंचों पर मनोरंजन और मिमिक्री के बजाय गंभीर मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात कही।











