पटना ग्रीनफील्ड टाउनशिप में हर भूखंड का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, GIS में दर्ज होगा डेटा

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By EditorPublished On: September 21, 2026

पटना
 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन का सर्वे पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण का काम शुरू होगा। इसमें सर्वे के दौरान जुटाए गए जमीन के आंकड़ों का राजस्व विभाग के रिकार्ड से मिलान किया जाएगा।

हर भूखंड की माप, स्थिति और क्षेत्रफल की जांच राजस्व रिकार्ड के आधार पर होगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही टाउनशिप का अंतिम आधार नक्शा तैयार किया जाएगा।

सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू
नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी को संबंधित विभागों के सहयोग से नवीनतम बंदोबस्त वर्ष के राजस्व रिकार्ड, अधिकार अभिलेख, मुकदमा अभिलेख, जमीन के नक्शे और अधिग्रहण से जुड़े दस्तावेज जुटाने होंगे।

सर्वे के बाद तैयार नक्शे का अंचल स्तर पर उपलब्ध राजस्व रिकार्ड से मिलान किया जाएगा। नक्शा सर्वे नंबर के आधार पर तैयार होगा।

यदि मौके पर मिली जमीन की स्थिति और सरकारी रिकार्ड में दर्ज स्थिति में अंतर मिलता है तो उसे नक्शे में अलग से दर्ज किया जाएगा।

हर भूखंड का अलग-अलग तैयार होगा डेटा
टाउनशिप क्षेत्र के प्रत्येक भूखंड का अलग-अलग क्षेत्रफल दर्ज किया जाएगा। इसमें सर्वे के दौरान मिले क्षेत्रफल के साथ राजस्व रिकार्ड में दर्ज क्षेत्रफल की जानकारी भी रहेगी।

यह पूरा डेटा भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) में भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ जमीन के स्वामित्व और उसकी श्रेणी की जानकारी भी जुटाई जाएगी।

इससे टाउनशिप की योजना बनाते समय यह साफ रहेगा कि किसी भूखंड का वास्तविक क्षेत्रफल कितना है, सरकारी रिकार्ड में कितना दर्ज है और जमीन किसके नाम या किस श्रेणी में दर्ज है।

विभाग के अनुसार राजस्व रिकार्ड और मौके पर मिली स्थिति का मिलान करने से जमीन से जुड़े संभावित विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही टाउनशिप की योजना और भूमि उपयोग तय करने में भी सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।