इंदौर में आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होने जा रहा है। कार्यक्रम में राहुल गांधी विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
उनके आगमन से पहले शहर के कई प्रमुख रास्तों पर लगाए गए होर्डिंग और बैनर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पर ‘झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय’ लिखा गया है।
इन होर्डिंग्स पर एक क्यूआर कोड भी दिया गया है। इसे स्कैन करने पर jhoothkigoonj.com वेबसाइट खुलती है, जहां राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे की पिछली चार रैलियों में किए गए 40 दावों की पड़ताल का दावा किया गया है। वेबसाइट पर इन दावों में कुछ को झूठा तो कुछ को गुमराह करने वाला बताया गया है।
कार्यक्रम से पहले ही शुरू हुआ विरोध
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर शुरुआत से ही स्थल और अनुमति का मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस पहले नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी। बाद में रीजनल पार्क के सामने आईडीए की जमीन को कार्यक्रम के लिए तय किया गया।
आईडीए ने 12 हजार वर्गमीटर जमीन तीन दिनों के लिए 10 लाख 8 हजार रुपए के शुल्क पर पांच शर्तों के साथ आवंटित की थी। इनमें अन्य विभागों से अनुमति लेने के साथ सुरक्षा, पार्किंग और ध्वनि व्यवस्था जैसी शर्तें शामिल थीं।
इसके बाद आईडीए ने जमीन के अतिरिक्त उपयोग के लिए कांग्रेस से 4.03 लाख रुपए अतिरिक्त जमा कराने को कहा। आईडीए के मुताबिक करीब 4,800 वर्गमीटर हिस्से का इस्तेमाल तय अवधि से पहले शुरू हो गया था। कांग्रेस ने यह राशि जमा कर दी।
31 शर्तों के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
कार्यक्रम की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने आयोजकों के सामने 31 शर्तें रखी हैं। इनमें कार्यक्रम में आने वाले लोगों की संख्या, पुरुष-महिला और छात्राओं की अलग-अलग संख्या, किन जिलों और कॉलेजों से लोग आएंगे, बसों और वाहनों के नंबर तथा पार्किंग व्यवस्था जैसी जानकारियां मांगी गई हैं।
पुलिस ने कम से कम 1500 स्वयंसेवकों, जिनमें 500 महिलाएं होंगी, की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा छह प्रवेश द्वार, आठ निकास द्वार और आपातकालीन गलियारे जैसी व्यवस्थाएं करने को कहा गया है।
शर्तों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद बनी वर्मा कमेटी की रिपोर्ट का संदर्भ भी दिया गया है। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है।










