मोदी के जन्मदिन पर काशी से वडनगर रवाना हुए 250 बाइकर्स, 10 राज्यों के कार्यकर्ता होंगे शामिल

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By EditorPublished On: September 18, 2026

लखनऊ
 भाजपा अभियानों के रथ पर चुनावी रंगमहल सजा देती है। सेवा संंकल्प अभियान के हर कार्यक्रम पर राजनीतिक संदेशों के फूल खिले हैं। पार्टी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार देते हुए दस राज्यों के कार्यकर्ताओं को काशी से वडगनर भेजा है जो विभिन्न लोकसभा एवं विधान सभा क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां बताते एवं अपनी संस्कृतियों को साझा करते हुए निकलेंगे।

सिक्किम, तलिलनाडु, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से काशी आकर फिर गुजरात के लिए निकले कार्यकर्ताओं के जरिए पार्टी यह संदेश भी दे रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी हिस्सों तक विकास पहुंचा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई शक्ति मिली है। उधर, यात्रा के बहाने मिशन-2027 और 2029 की भी जमीन बनाई जाएगी।

नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर भाजपा ने वाराणसी से ढाई सौ बाइकर्स को गंगाजल के साथ वडनगर भेजा है। टीम के साथ एक-एक एंबुलेस, बस और एलइडी वाहन भी चल रहा है। यूपी की दस नदियों के जल से काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद उड़ीसा, बिहार, बंगाल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश समेत दस राज्यों के कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हैं।

क्षेत्रीय मुद्दों पर रहेगी नजर
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा को यात्रा की जिम्मेदारी दी गई है। दस मार्गों से निकले कार्यकर्ता यूपी में 88 जगहों पर रात्रि विश्राम एवं चौपाल करेंगे। यहां पर राजनीतिक परिचर्चा के बहाने कार्यकर्ता यह भी जानेंगे कि क्षेत्र में कौन से चुनावी मुद्दे आकार ले रहे हैं।

वह अपने राज्य की भाषा, खाद्य पदार्थ, सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतीक एवं संस्थानों की विरासत भी लेकर चल रहे हैं। पिछले चार वर्ष से प्रधानमंत्री तमिल-काशी संगमम कार्यक्रम करा रहे हैं, जहां संस्कृतियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य है। उधर, वडनगर के लिए निकली टीम 197 जगहों पर जलपान एवं संक्षिप्त संबोधन और एलइडी प्रदर्शन के लिए रुकेगी।

इस दौरान टीम 826 विकासखंडों एवं 762 नगर निकायों को कवर करेगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि काशी और गुजरात के बीच दोनों तरफ से आने-जाने वाले कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा, संस्कार एवं संकल्प से भरे हुए हैं। वह चौपालों में सरकारों की उपलब्धियां बताएंगे।