सरकारी दफ्तरों में महिलाओं की जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ रिश्वत की शिकायतों पर होने वाली लोकायुक्त की कार्रवाई में भी महिला अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी सामने आ रही है।
मध्यप्रदेश में लोकायुक्त के आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में पिछले 8 महीने में 10 महिला अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते ट्रैप हुई हैं। यह संख्या भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत दूसरे प्रमुख जिलों से अधिक है।
इंदौर के बाद भोपाल में 4, जबलपुर में 3 और ग्वालियर में 2 महिला अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई हुई। वहीं रीवा, सीधी, सागर, उज्जैन और मंदसौर में एक-एक मामला सामने आया। इन आंकड़ों से सामने आता है कि रिश्वत की शिकायतों पर कार्रवाई किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रही।
2 हजार से 1 लाख रुपए तक मांगी रिश्वत
इंदौर में सामने आए मामलों में रिश्वत की रकम 2 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक रही। उपलब्ध मामलों में जिला परियोजना अधिकारी शीला को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया था।
प्राचार्य से पटवारी और नगर निगम कर्मचारी तक कार्रवाई
लोकायुक्त की कार्रवाई में अलग-अलग विभागों की महिला अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहीं। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की प्राचार्य मनीषा के मामले में रिश्वत की रकम 2 हजार रुपए थी।
इसके अलावा पटवारी प्रियंका, महिला एवं बाल विकास विभाग की अंजली, पटवारी भारती और नगर निगम की वार्ड प्रभारी संध्या समेत अन्य मामलों में भी लोकायुक्त ने कार्रवाई की।
एक मामले में महिला अधिकारी की जगह उसका पति रिश्वत की रकम लेने पहुंचा। आयुष कार्यालय से जुड़े प्रकरण में पति नरेंद्र को 10 हजार रुपए लेते पकड़ा गया और उसे भी आरोपी बनाया गया।
बड़े पद से लेकर मैदानी अमले तक कार्रवाई
इन मामलों में यह भी सामने आया कि लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई किसी एक स्तर के कर्मचारी तक सीमित नहीं है। जिला स्तर के अधिकारी से लेकर स्कूल प्राचार्य, पटवारी, महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर निगम के मैदानी अमले तक के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई हुई है।
हालांकि, ट्रैप की संख्या को महिलाओं में भ्रष्टाचार की दर नहीं माना जा सकता। यह केवल उन मामलों का आंकड़ा है, जिनमें शिकायत मिली और जांच के बाद एजेंसी ने कार्रवाई की।
जिलेवार महिला अधिकारी- कर्मचारी ट्रैप
इंदौर: 10
भोपाल: 4
जबलपुर: 3
ग्वालियर: 2
रीवा: 1
सीधी: 1
सागर: 1
उज्जैन: 1
मंदसौर: 1
रिश्वत की रकम की रेंज
इंदौर: 2 हजार से 1 लाख रुपए तक
भोपाल: 2,500 से 1 लाख रुपए तक
ग्वालियर: 5 हजार से 20 हजार रुपए तक
जबलपुर: 4,500 से 5 हजार रुपए तक
रीवा: 8 हजार रुपए
सीधी: 8 हजार रुपए
सागर: 2,500 रुपए
उज्जैन: 15 हजार रुपए
मंदसौर: 15 हजार रुपए











