AI डेवलपमेंट की स्पीड पर छिड़ी बहस, ट्रंप का चीन को बड़ा संदेश; क्या थमेगी रफ्तार?

Author Picture
By EditorPublished On: September 15, 2026

 नई दिल्ली
अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर होड़ लगातार तेज हो रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह AI के विकास की रफ्तार को कम करने के पक्ष में नहीं हैं. आयरलैंड के डूनबेग में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका AI के विकास में चीन से आगे है और वह इस बढ़त को बनाए रखना चाहते हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि AI की वैश्विक दौड़ में जो जीतेगा, वही जीतेगा। 

ट्रंप ने माना कि AI के लिए कुछ सुरक्षा नियम यानी गार्डरेल्स जरूरी हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी सरकार किस तरह के नियम लाने की तैयारी कर रही है. AI के तेजी से विकास को लेकर चिंता जताने वालों पर ट्रंप ने कहा कि तकनीक को लेकर ऐसा सोचने वाले लोग नकारात्मक सोच रखते हैं। 

ट्रंप बोले- AI की रफ्तार नहीं रोकना चाहते
ट्रंप का यह बयान AI इंडस्ट्री में विकास की रफ्तार को लेकर चल रही बहस के बीच आया है. एंथ्रोपिक AI के CEO डारियो अमोडेई ने एक दिन पहले कहा था कि AI इंडस्ट्री को विकास की रफ्तार कुछ धीमी करनी चाहिए, ताकि सुरक्षा उपायों को तकनीक के साथ कदम मिलाने का समय मिल सके. एलन मस्क और ओपनAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर सहमति जता चुके हैं। 

वहीं, ट्रंप AI से जुड़े डेटा सेंटर के निर्माण के समर्थन में बने हुए हैं. अमेरिका में बड़ी टेक कंपनियां छोटे शहरों में कंप्यूटिंग डेटा सेंटर का नेटवर्क तैयार कर रही हैं. हालांकि, दोनों पार्टियों के नेता जमीन, पानी, बिजली की बढ़ती जरूरत और महंगे बिजली बिल को लेकर सवाल उठा रहे हैं। 

चीन से मुकाबले को लेकर कोई समझौता नहीं
ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका AI की रेस में चीन से अपनी बढ़त बनाए रखना चाहता है. इसी वजह से AI की विकास दर कम करने का सवाल अमेरिका के लिए अहम बन गया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी कह चुके हैं कि डेमोक्रेट्स को AI को चुनावी मुद्दा बनाना चाहिए। 

नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक केविन हैसेट के मुताबिक, इस हफ्ते साइबर और साइंस-टेक्नोलॉजी से जुड़े अधिकारी AI की आगे की रणनीति पर बैठक कर सकते हैं. हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी AI के लिए कुछ सेफ्टी मेजर्स की जरूरत मानी है, लेकिन अमेरिका को AI में आगे बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। 

इसी बहस के बीच एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जैकब कॉक्सन ने अमेरिका और चीन से मिलकर AI विकास की रफ्तार को जिम्मेदारी से कंट्रोल करने की अपील की है. उनका डर है कि अगर दोनों देश बिना पर्याप्त सुरक्षा के एक-दूसरे से आगे निकलने की दौड़ में लगे रहे, तो यही AI रेस खतरनाक साबित हो सकती है।