मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 सितंबर को आगर-मालवा में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के हित में कुछ नहीं किया, केवल बातें कीं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि एक नेता आ रहा है झूठ की गूंज लेकर।
उन्होंने, उनकी मां ने, उनके दादा ने, उनके खानदान ने कभी देश का हित नहीं किया और वो आज जनता की बात करने आ रहे हैं। जनता से अच्छे से जानती है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, ये सब दिल्ली से चुनाव क्यों नहीं लड़ते।
ये दिल्ली से इसलिए चुनाव नहीं लड़ते हैं, क्योंकि जनता इनको अच्छे से जानती है। इसलिए ये रायबरेली, अमेठी से चुनाव लड़े। जब यहां से भी हारने लगे तो वायनाड चले गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोगों ने कहा कि वो तो समुद्र आ गया, नहीं तो ये अरब से चुनाव लड़ते। क्योंकि, इनको जनता के बीच 5 साल में केवल एक बार जाना है, जनता के लिए काम नहीं करना है। इसलिए हर बार एक नई और झूठी बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ये सबसे पवित्र संस्था न्यायालय के ऊपर भी अंगुलि उठाते हैं। ये लोग सेना और उसके पराक्रम पर भी अंगुलि उठाते हैं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि अब तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भी भारत के आयुष्मान जैसा कार्ड बनाने की बात करते हैं। उनका कहना है कि जैसे प्रधानमंत्री मोदी ने आईडी कार्ड बनाए, वैसे ही अमेरिका में रहने वाले बनवाएंगे।
ये कांग्रेस को जवाब है कि लोकतंत्र में नई टेक्नोलॉजी के मामले में भारत आगे बढ़ रहा है। लेकिन, राहुल गांधी मानते नहीं, वो भी क्या करें। उनका नाम ही पप्पू है। अब जब नाम पप्पू है तो वो काम भी पप्पू जैसा ही करेगा।
कांग्रेसियों को नहीं आई शर्म
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम उनका अपने राज्य में स्वागत करते हैं। हम उन्हें यहां आने की अनुमति दे रहे हैं। लेकिन, राहुल जब आप यहां आओ तो आकर माफी मांगना। बालाघाट में हमारी सरकार ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कहा है।
आपने ये काम क्यों नहीं किया। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलियों ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री के ही मंत्री की दिनदहाड़े मध्यप्रदेश की धरती पर हत्या की। लेकिन, कांग्रेसियों को शर्म नहीं आई। उन्होंने आज तक माफी नहीं मांगी।
आखिरी खेत तक देंगे पानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी राज्य में डाकुओं का आतंक चलता था। डाकुओं की समस्या विकराल होती गई। चंबल-भिंड-मुरैना डाकुओं का क्षेत्र बन गया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने डाकुओं को खत्म कर दिया। यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है।
उन्होंने कहा कि पार्वती-काली सिंध-चंबल नदियां हजारों साल से बहती आ रही हैं, मां नर्मदा भी हजारों साल से बह रही है। लेकिन, सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था। हमारी सरकार में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से ऊपर चला गया है। हम हर खेत तक पानी देंगे।








