बिहटा एयरपोर्ट की उड़ानों पर संकट, 460 करोड़ का टर्मिनल सिर्फ 2% बना

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By EditorPublished On: September 10, 2026

पटना
 बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा एयरपोर्ट से नागरिक विमानों की उड़ान की महत्वाकांक्षी परियोजना अधर में लटक गई है। दरअसल, बिहटा में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के निर्माण कार्यों को पूरा करने का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, उसने पूरी तरह से काम बंद कर दिया है। लगभग 460 करोड़ की लागत से टर्मिनल भवन के निर्माण का जिम्मा पिछले वर्ष अप्रैल में रूस की कंपनी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी इंडस्ट्रियल एसोशिएशन बोजरोजदिनी को मिला था। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अब तक टर्मिनल भवन का मात्र दो प्रतिशत काम ही हो सका है। मई से कंपनी ने मजदूरों और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था।

पिछले एक माह से टर्मिनल भवन का काम पूरी तरह से ठप है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिया के केंद्रीय कार्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। स्थानीय पदाधिकारी अब निर्माण परियोजना के संबंध में केंद्रीय निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम लेने वाले रूस की कंपनी ने तय लागत से 31 प्रतिशत कम की राशि पर निर्माण का जिम्मा दिया था। पूर्व से ही लेटलतीफ चल रही इस परियोजना को पूरा करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश एएआई ने दिया था। आरंभ से ही कंपनी ने निर्माण कार्यों को लेकर धीमी गति रही। एक साल बीतने के बाद संबंधित एजेंसी ने टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस परियोजना को 14 मार्च 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

आईआईटी, एनआईटी सहित कई संस्थान हैं
एयरपोर्ट के निर्माण की प्रतीक्षा स्थानीय लोगों के लिए दूसरे राज्यों के लोग भी कर रहे हैं। यहां आईआईटी, एनआईटी, एफडीडीआई, नाइलिट जैसे कई केंद्रीय शिक्षण संस्थान हैं जहां दूसरे राज्यों के छात्र पढ़ते हैं। पटना से बिहटा की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए दानापुर स्टेशन से बिहटा तक एलिवेटेड रास्ता भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निर्माण बंद होने से परियोजना पूरा होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। मामले में फिलहाल केंद्रीय मुख्यालय के निर्देशों की प्रतीक्षा है।

1413 करोड़ से अधिक की है परियोजना
परियोजना पर 1400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जानी है। दो मंजिला टर्मिनल भवन को 50 लाख सालाना यात्रियों की क्षमता का बनाया जाना तय हुआ है। दस विमानों के लिए पार्किंग, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, मल्टीलेबल कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। हालांकि परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है। इसे 50 करोड़ से 15 महीने में पूरा करना था।