इंदौर में सीएम मोहन यादव के परिचित का मोबाइल हुआ चोरी, पहले एफआईआर नहीं लिखी, अब 10 थानों की पुलिस कर रही तालाश

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By Raj RathorePublished On: September 4, 2026

मध्य प्रदेश के इंदौर में बाइक सवार बदमाशों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिचित बताए जा रहे उज्जैन निवासी युवक का महंगा मोबाइल लूट लिया। वारदात के बाद युवक शिकायत लेकर पलासिया थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज करने के बजाय सिर्फ आवेदन लेकर उसे लौटा दिया।

मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अब पुलिस ने मोबाइल और लुटेरों की तलाश तेज कर दी है। आरोपियों की तलाश में इंदौर के 10 थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया है।

पल्सर बाइक पर आए थे बदमाश

जानकारी के मुताबिक, उज्जैन निवासी अनमोल वर्मा 31 अगस्त को निजी काम से इंदौर आए थे। इसी दौरान इंद्रदेव महादेव मंदिर क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस के मुताबिक, वारदात में शामिल बदमाश पल्सर बाइक पर सवार थे। मोबाइल की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। लूट के बाद अनमोल पलासिया थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

पहले एफआईआर भी नहीं लिखी 

अनमोल के मुताबिक, उन्होंने पलासिया पुलिस को मोबाइल लूट की शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उस समय FIR दर्ज नहीं की और केवल आवेदन ले लिया। इसके बाद मामला 1 सितंबर को उज्जैन स्थित मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचा।

वहां से इंदौर पुलिस कमिश्नर और DCP स्तर के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बदमाशों की तलाश तेज कर दी।

10 थानों की पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी

अब मोबाइल लूट की इस वारदात में इंदौर के करीब 10 थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस को बदमाशों के कुछ CCTV फुटेज भी मिले हैं। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के साथ ही उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मोबाइल और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल बायपास क्षेत्र में भी बदमाशों की तलाश की जा रही है।

इसी इलाके में उसी दिन दूसरी मोबाइल लूट

पुलिस के सामने एक और अहम कड़ी यह है कि 31 अगस्त को इसी इलाके में मोबाइल लूट की एक अन्य वारदात भी हुई थी। अब दोनों मामलों को जोड़कर जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गैंग का हाथ है या अलग-अलग बदमाशों ने घटनाओं को अंजाम दिया। CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से इस संबंध में सुराग जुटाए जा रहे हैं।

मामले की जांच पर ACP दंडोतिया नजर बनाए हुए हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें CCTV फुटेज खंगालने के साथ संभावित रास्तों और ठिकानों की जांच कर रही हैं।