मध्य प्रदेश के दो बड़े शहरों भोपाल और इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से प्रस्तावित भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को अब आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
161 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को केंद्र सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। करीब 4,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।
नए अलाइनमेंट पर बनेगा 6-लेन एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे मौजूदा भोपाल-इंदौर मार्ग का विस्तार नहीं होगा, बल्कि इसे ग्रीनफील्ड परियोजना के तौर पर नए अलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य तेज और सुगम यातायात के साथ सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है।
परियोजना की अनुमानित लागत फिलहाल करीब 4 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम लागत और अन्य तकनीकी पहलुओं की तस्वीर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।
दो घंटे से भी कम में भोपाल से इंदौर
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड और सीमित इंटरचेंज व्यवस्था होगी। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मार्ग पर करीब 2 से 3 प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट ही रखे जाने की योजना है। इससे अनावश्यक रुकावटें कम होंगी और वाहनों को लगातार बेहतर गति से चलने में मदद मिलेगी।
एक्सप्रेसवे बनने के बाद भोपाल से इंदौर का सफर दो घंटे से भी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है। भोपाल की ओर से एक्सप्रेसवे तक पहुंच के लिए कोलार या वेस्टर्न कॉरिडोर की कनेक्टिविटी का विकल्प देखा जा रहा है।
अगले 10 महीने में शुरू हो सकता है निर्माण
अलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना से जुड़ी अगली प्रक्रियाओं पर काम शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार, जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले करीब 10 महीनों में जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ भोपाल और इंदौर के बीच आवागमन को आसान नहीं करेगा, बल्कि दोनों शहरों के बीच व्यापार, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना की प्रमुख बातें
- लंबाई: 161 किलोमीटर
- लेन: 6-लेन
- अनुमानित लागत: करीब ₹4,000 करोड़
- यात्रा समय: 2 घंटे से कम होने की उम्मीद
- एंट्री-एग्जिट: करीब 2 से 3 प्रमुख पॉइंट
- निर्माण: नए ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट पर
- काम शुरू होने की संभावित अवधि: अगले 10 महीने में










