जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं… इंदौर में जनविश्वास शिविर में अफसरों पर भड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव

Author Picture
By Raj RathorePublished On: August 29, 2026

इंदौर में मुसाखेड़ी स्थित नगर निगम के जोन-18 कार्यालय में शनिवार को आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव नाराज नजर आए।

जनता की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और अनावश्यक देरी की शिकायतें सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई।

शिविर में कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक महेंद्र हार्डिया, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में रहवासियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

जनता के काम में देरी पर महापौर ने लगाई फटकार

शिविर के दौरान लोगों की शिकायतों पर चर्चा करते हुए महापौर भार्गव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनता के काम को टालने और अनावश्यक रूप से लंबित रखने की शिकायतें मिल रही हैं।

महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उन्हें तत्काल निपटाया जाए।

इसी दौरान एक कर्मचारी को कलेक्टर से बातचीत करते समय जेब से हाथ बाहर रखने की हिदायत भी महापौर ने दी।

अतिक्रमण से लेकर दस्तावेज और सड़क तक की शिकायतें

जनविश्वास शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अतिक्रमण, सड़क, व्यक्तिगत दस्तावेज, सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का निराकरण शिविर में किया जा सकता है, उन्हें तत्काल हल किया जाए। वहीं, जिन मामलों में प्रक्रिया या जांच की आवश्यकता है, उनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन समेत अन्य माध्यमों से लंबित शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए।

सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद है अभियान

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान में किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि अभियान के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं सीधे सुनी जा रही हैं और उनके निराकरण के लिए मौके पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने सरकारी संस्थाओं का किया निरीक्षण

जनविश्वास अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने क्षेत्र की विभिन्न शासकीय एवं जनसेवा संस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

टीम ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, शासकीय हिंदी प्राथमिक विद्यालय, संदीपनी विद्यालय, लोकमान्य तिलक सहकारी उपभोक्ता भंडार, आरोग्य अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लिया।

इस दौरान संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और आम लोगों को मिल रही सेवाओं की स्थिति देखी गई। अधिकारियों को आवश्यक सुधार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।