मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और इंदौर सांसद शंकर लालवानी की शनिवार को इंदौर एयरपोर्ट पर हुई करीब 10 से 15 मिनट की मुलाकात ने शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
दोनों नेताओं के बीच एयरपोर्ट पर कुछ देर तक अकेले में बातचीत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को उज्जैन से इंदौर पहुंचे थे। यहां से उन्हें महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए रवाना होना था। इसी दौरान एयरपोर्ट पर उनकी सांसद शंकर लालवानी से मुलाकात हुई।
एयरपोर्ट पर अकेले में हुई बातचीत
मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि उस दौरान इंदौर से जुड़े अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं थे। मुख्यमंत्री और सांसद के बीच करीब 10-15 मिनट तक बातचीत हुई।
इसी वजह से भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत केवल इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों तक सीमित थी या इसमें स्थानीय राजनीति और संगठन से जुड़े विषय भी शामिल थे।
हालांकि, मुलाकात का एजेंडा क्या था, इसे लेकर मुख्यमंत्री या सांसद की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इंदौर के विकास और एयरपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के कयास
सूत्रों के मुताबिक, बातचीत में इंदौर के विकास कार्यों और शहर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री के सामने शहर की विभिन्न परियोजनाओं और जरूरतों से जुड़े विषय रखे।
इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार और शहर की हवाई कनेक्टिविटी लंबे समय से सांसद लालवानी के प्रमुख मुद्दों में रहे हैं। एयरपोर्ट की भविष्य की जरूरतों और विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन से जुड़े विषयों पर भी गतिविधियां चल रही हैं।
ऐसे में दोनों नेताओं की एयरपोर्ट परिसर में हुई बातचीत को इन मुद्दों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
क्या स्थानीय राजनीति पर भी हुई बात?
मुलाकात का दूसरा पहलू राजनीतिक माना जा रहा है। भाजपा के भीतर चर्चा है कि मुख्यमंत्री और सांसद के बीच इंदौर की स्थानीय राजनीति, संगठन और हालिया राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी बातचीत हुई या नहीं।
हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल राजनीतिक कयासों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
लालवानी की भूमिका भी चर्चा में
सांसद शंकर लालवानी इंदौर के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और खासतौर पर एयरपोर्ट विस्तार व हवाई कनेक्टिविटी के मुद्दे पर लगातार सक्रिय रहे हैं। मार्च 2026 में नए टर्मिनल-1 के लोकार्पण के दौरान भी वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मौजूद थे।
अब शनिवार को एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं की अलग से हुई बातचीत के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।










