अदाणी समूह की ACC लिमिटेड को झटका? सिंगरौली के सरई रेलवे स्टेशन का मामला पहुंचा हाई कोर्ट

Author Picture
By EditorPublished On: August 27, 2026

जबलपुर
 प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर अदाणी समूह की कंपनी एसीसी लिमिटेड द्वारा कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने समूह को प्लेटफार्म खाली कराने के अंतरिम निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई की।

तीन माह की अनुमति, तीन साल से लोडिंग-अनलोडिंग
सरई के ग्राम शिवगढ़ निवासी अधिवक्ता विनय जायसवाल ने याचिका दायर की है। आरोप है कि यात्रियों के लिए निर्धारित प्लेटफार्म का इस्तेमाल करीब तीन वर्षों से कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के लिए किया जा रहा है, जबकि शुरुआत में अनुमति केवल तीन महीने के लिए दी गई थी।

कोयले की धूल-कालिख से यात्री परेशान
याचिका में कहा गया कि कोयले की धूल, कालिख और मलबे से यात्रियों के साथ आसपास के नागरिकों को भी परेशानी हो रही है। सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने जवाब पेश किया।
रोज 700 से ज्यादा यात्रियों का आवागमन

रेलवे ने बताया कि सरई ग्राम स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 741 यात्री आते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसके कश्यप ने रेलवे के जवाब का हवाला देते हुए बताया कि यात्रियों से रेलवे को करीब 16.46 लाख रुपये, जबकि कोयला लोडिंग-अनलोडिंग से करीब 26.48 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।

रेलवे ने बताया कि एसीसी ने पहले सरई ग्राम से करीब 10 किलोमीटर दूर सुरसुराईघाट झारा रेलवे स्टेशन से कोयला लोडिंग की अनुमति मांगी थी।

हालांकि, परिचालन संबंधी अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण सरई ग्राम स्टेशन से लोडिंग की अनुमति दी गई। इसके लिए एसीसी का 20 जून 2023 का पत्र भी कोर्ट में पेश किया गया।