इंदौर में युवक ने गधे पर बैठकर श्मशान की परिक्रमा लगाई, वीडियो हुआ वायरल

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By Raj RathorePublished On: August 26, 2026

मध्य प्रदेश में बारिश की कमी से किसान और ग्रामीण परेशान हैं। लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के बीच अब ग्रामीण इलाकों में अच्छी बारिश की कामना को लेकर पुरानी लोक परंपराओं और टोटकों का सहारा लिया जा रहा है।

इंदौर के महू क्षेत्र के कोदरिया गांव से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने बारिश के लिए एक अनोखी परंपरा निभाई।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति गधे पर बैठकर श्मशान घाट की परिक्रमा करता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह अनुष्ठान अच्छी बारिश की कामना और इंद्रदेव को प्रसन्न करने की लोकमान्यता से जुड़ा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गधे को फूलों की माला पहनाकर निकली परिक्रमा

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के लिए किए गए इस कथित टोटके में एक गधे को फूलों की माला पहनाई गई। इसके बाद एक व्यक्ति गधे पर सवार होकर श्मशान घाट की परिक्रमा करता नजर आया।

ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह की परंपरा निभाने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और बारिश होती है। बारिश के इंतजार में ग्रामीणों द्वारा इस तरह के पारंपरिक उपाय किए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।

बारिश की कमी से किसान परेशान

इंदौर जिले में इस साल मानसून की स्थिति को लेकर किसान चिंतित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक करीब 17 से 18 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में करीब 22 से 23 इंच बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही थी।

पिछले साल की तुलना में भी बारिश का आंकड़ा करीब 5 से 6 फीसदी कम बताया जा रहा है। ऐसे में बारिश की कमी का सीधा असर खरीफ फसलों पर पड़ने की आशंका है।

सोयाबीन की फसल पर मंडरा रहा संकट

मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद कुमार हरसाने के मुताबिक, वर्तमान में बारिश के लिए परिस्थितियां तो बन रही हैं, लेकिन कई जगह हल्की बारिश के बाद गतिविधियां कमजोर पड़ जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस समय सोयाबीन की फसल के लिए बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। फूल आने के समय पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

लोकमान्यता है, वैज्ञानिक आधार नहीं

ग्रामीणों द्वारा किया गया यह अनुष्ठान स्थानीय लोकमान्यता और परंपरा से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का सीधा संबंध वायुमंडलीय दबाव, नमी, मानसूनी हवाओं और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों से होता है।

ऐसे टोटकों से बारिश होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। बावजूद इसके, बारिश की कमी और फसल पर मंडराते संकट के बीच ग्रामीण अपनी पुरानी मान्यताओं के जरिए इंद्रदेव को प्रसन्न करने की कोशिश कर रहे हैं।