सीएम मोहन यादव का मास्टर स्ट्रोक, फिर शुरू होगी कैलारस शुगर मिल, जानें कब खुलेंगे टेंडर?

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By Raj RathorePublished On: August 22, 2026

मध्यप्रदेश में उद्योगों को फलता-फूलता देखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिन-रात काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश को लाखों करोड़ों का निवेश भी मिला है। इसी कड़ी में उन्होंने एक और बड़ा फैसला किया है।

दरअसल, मुरैना जिले की बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से चालू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस संबंध में एमएसएमई विभाग ने रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। इस मिल के शुरू होने से क्षेत्र का तस्वीर ही बदल जाएगी।

इस संबंध में एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मिल को शुरू करने के लिए 15 सितंबर तक ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इन प्रस्तावों को अगले दिन 16 सितंबर को खोला जाएगा। गौरतलब है कि 19 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी।

इस बैठक में हुए निर्णय के तहत कैलारस चीनी मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य सरकार का उद्देश्य इस मिल के पुनरुद्धार से क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक गतिविधि और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

लोग पूछ सकते हैं लिखित प्रश्न

एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि अब सरकार मिल को जैसी है, जहां है के आधार पर लीज पर देने जा रही है। जो लोग इस लीज को लेना चाहते हैं, वे 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से मिल की साइट विजिट कर सकते हैं। मिल को लीज पर देने के संबंध में 3 सितंबर मीटिंग होगी।

यह मीटिंग दोपहर 3 बजे से विंध्याचल भवन की चौथी मंजिल पर स्थित मीटिंग हॉल में होगी। जो लोग इस संबंध में लिखित प्रश्न पूछना चाहते हैं, वे 7 सितंबर शाम 5 बजे तक प्रश्न पूछ सकते हैं। रुचि की अभिव्यक्ति जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर शाम 5 बजे रखी गई है। अगले दिन 16 सितंबर को प्रस्ताव शाम 5 बजे खोले जाएंगे।

इतनी है मिल की क्षमता

शुगर और संबंधित उप-उत्पादों के निर्माण में सक्षम कंपनियां www.mptenders.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। विस्तृत जानकारी http://mpmsme.gov.in पर उपलब्ध है। एमएसएमई आयुक्त सिंह ने बताया कि कैलारस शुगर मिल एनएच-552 पर, कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किमी से कम दूरी पर स्थित है।

मिल की क्षमता प्रति दिन 1,250 गन्ना पेराई है। मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और 12.86 हेक्टेयर भूमि है। उन्होंने बताया कि लीज अवधि 30 वर्ष होगी। संतोषजनक कार्य के आधार पर यह अवधि बढ़ाई जा सकेगी।