विधायक मधु वर्मा ने नहीं होने दी बीजेपी ओबीसी मोर्चे के महामंत्री पद की घोषणा, जीतू जिराती के समर्थक को मिलने वाला था पद

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By Raj RathorePublished On: August 21, 2026

भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा में पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर इंदौर में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। खास तौर पर महामंत्री पद को लेकर राऊ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में दो प्रमुख नेताओं के समर्थक आमने-सामने हैं।

विधायक मधु वर्मा और पूर्व विधायक जीतू जिराती अपने-अपने समर्थक को महामंत्री बनाने की पैरवी कर रहे हैं। सहमति नहीं बनने के कारण गुरुवार को प्रस्तावित घोषणा टाल दी गई।

विवाद की स्थिति को देखते हुए अब महामंत्री पद पर अंतिम फैसला जिला प्रभारी राजेश सोलंकी के स्तर से होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि संगठन की सूची लगभग तैयार थी, लेकिन नाम को लेकर आपत्ति सामने आने के बाद घोषणा रोक दी गई।

महामंत्री पद पर बबीता कुशवाह बनाम रवि पटवारी

पिछड़ा वर्ग मोर्चा में अध्यक्ष के बाद महामंत्री का पद अहम माना जाता है। इसी पद को लेकर राऊ क्षेत्र में खींचतान की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, विधायक मधु वर्मा की ओर से बबीता कुशवाह के नाम की पैरवी की जा रही है। वहीं पूर्व विधायक जीतू जिराती ने रवि पटवारी के नाम को प्राथमिकता दी है। उनके पैनल में रवि पांचाल का नाम भी दूसरे विकल्प के तौर पर बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को सूची लगभग अंतिम रूप ले चुकी थी। इसी दौरान विधायक मधु वर्मा को रवि पटवारी की नियुक्ति की जानकारी मिली और उन्होंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। मामला संगठन के जिम्मेदार नेताओं तक पहुंचा, जिसके बाद फिलहाल घोषणा रोक दी गई।

अब जिला प्रभारी के पाले में फैसला

विवाद बढ़ने के बाद संगठन ने तत्काल घोषणा करने के बजाय मामले को संभालने का फैसला किया है। अब महामंत्री पद पर किस नाम को अंतिम मंजूरी मिलेगी, इसका फैसला राजेश सोलंकी के स्तर पर होने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित पदाधिकारियों की सूची में कुछ अन्य नामों को लेकर भी संगठन के भीतर चर्चा और आपत्तियां हैं। ऐसे में अंतिम सूची जारी होने से पहले नामों पर दोबारा मंथन किया जा सकता है।

पहले अध्यक्ष पद को लेकर भी हुई थी खींचतान

पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष पद की नियुक्ति के दौरान भी भाजपा के भीतर दावेदारी को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली थी। उस समय अलग-अलग नेताओं की ओर से अपने समर्थकों के नाम आगे बढ़ाए गए थे।

बताया जाता है कि विजय बिजवा के नाम को लेकर भी दावेदारी सामने आई थी, जबकि विधायक रमेश मेंदोला की ओर से रोहित चौधरी का नाम आगे बढ़ाया गया था। इसके अलावा अजीत कुशवाहा, सुभाष यादव, जीतू कुशवाह और रघु यादव समेत कई नाम चर्चा में थे।

हालांकि, अंतिम समय में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने समन्वय के जरिए निखिल सोनी के नाम पर सहमति बनाने में भूमिका निभाई। बताया गया कि पैनल में उनका नाम नीचे होने के बावजूद उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।

संगठन में बढ़ रही दावेदारी की सियासत

भाजपा ने पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को बदलकर पिछड़ा वर्ग मोर्चा का स्वरूप दिया है। इसके बाद संगठन में अध्यक्ष और महामंत्री समेत विभिन्न पदों को लेकर दावेदारी बढ़ी है।

इंदौर में भी अलग-अलग नेताओं के समर्थक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद हासिल करने के लिए सक्रिय हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महामंत्री पद पर मधु वर्मा की पसंद को तवज्जो मिलती है या जीतू जिराती के समर्थक को जिम्मेदारी दी जाती है।