चौतरफा घिरे अखिलेश यादव, अटल जी को श्रद्धांजलि न देने पर मंत्रियों व बीजेपी नेताओं ने साधा निशाना

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By Raj RathorePublished On: August 17, 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं करने को लेकर मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने निशाना साधा है।

कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि देश के महापुरुषों को जाति, धर्म और पार्टी के नाम पर अलग करके देखना अथवा उनके सम्मान को इन आधारों से जोड़ना देश का दुर्भाग्य है।

कभी ब्राह्मण समाज की बात करने, कभी पीडीए की राजनीति करने वाले लोग अटल जी और कल्याण सिंह जैसे महापुरुषों के सम्मान के मामले में अलग-अलग रवैया अपनाते हैं। इससे उनकी राजनीति की छोटी मानसिकता और दोहरा चरित्र सामने आता है।

मनोज पांडेय ने कहा कि बाबू कल्याण सिंह लोधी सनातन और हिंदुत्व के प्रतीक रहे हैं, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी भारत की अस्मिता, सम्मान, प्रगति और अखंडता के प्रतीक रहे। भारत ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया है।

लोकतंत्र में विपक्ष का सम्मान कैसे किया जाए और सभी को साथ लेकर कैसे चला जाए, इसका उदाहरण अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से लिया जा सकता है।

मर्यादित राजनीति करनी है तो अटल जी से सीखें

निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने अटल बिहारी वाजपेयी को आदर्श राजनेता बताते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल और हर नेता को अटल जी को याद करना चाहिए, चाहे वह सत्ता पक्ष में हो या विपक्ष में। राजनीति में शुचिता और मर्यादा बनाए रखने की सीख अटल जी के जीवन से ली जा सकती है।

उन्हें भी अटल घाट जाना था, लेकिन निषाद पार्टी के स्थापना दिवस के बड़े कार्यक्रम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। अटल जी ऐसे नेता थे, जिनसे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर क्यों नहीं गए थे अखिलेश

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि रानी अवंती बाई की प्रतिमा से कुछ ही दूरी पर लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित है। इसके बावजूद अखिलेश यादव वहां श्रद्धांजलि देने नहीं गए। उनकी पीडीए की राजनीति केवल दिखावा है।

वहीं भाजपा प्रवक्ता आलोक अवस्थी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए में पी से पिछड़े की बात करने वाले अखिलेश यादव के लिए पिछड़ों के बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के समय संवेदना व्यक्त करने का अवसर नहीं था।

आज रानी अवंती बाई को श्रद्धांजलि दी, लेकिन अटल जी को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे। आलोक अवस्थी ने सवाल किया कि अखिलेश यादव के पीडीए के पी और डी में इतना अंतर क्यों है।