देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब शहर की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के साथ-साथ नगर निगम अपनी आय बढ़ाने की तैयारी में है। निगम शहर के 70 नए मार्ग संकेतक (गेंट्री गेट) बनाने जा रहा है। इन संकेतकों पर 10 वर्षों तक विज्ञापन अधिकार निजी एजेंसियों को दिए जाएंगे, जिससे निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
इस परियोजना को लेकर टेंडर जारी करने का प्रस्ताव मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में रखा जाएगा। 17 अगस्त को होने वाली बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
नगर निगम ने शहर में आने वाले बाहरी राज्यों और जिलों के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की है। वर्तमान में शहर के कई मार्ग संकेतक राजनीतिक बैनर और पोस्टरों से ढक जाते हैं, जिससे दिशा संबंधी जानकारी स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
ऐसी स्थिति में बाहरी लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों से रास्ता पूछना पड़ता है। नए गेंट्री गेट इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से लगाए जाएंगे।
बैनर-पोस्टरों से बिगड़ती है व्यवस्था
नगर निगम समय-समय पर मार्ग संकेतकों से अवैध बैनर और पोस्टर हटाने की कार्रवाई करता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। राजनीतिक कार्यक्रमों, जन्मदिन और अन्य आयोजनों के बड़े-बड़े पोस्टर संकेतकों को पूरी तरह ढक देते हैं।
इसी समस्या को देखते हुए निगम अब नए और अधिक व्यवस्थित मार्ग संकेतक तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है, जिनमें दिशा संकेत और विज्ञापन के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाएंगे।
10 साल के लिए दिए जाएंगे विज्ञापन अधिकार
नगर निगम की योजना के अनुसार नए मार्ग संकेतकों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने का अधिकार 10 वर्षों के लिए ठेके पर दिया जाएगा। इसके लिए MIC की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस व्यवस्था से नगर निगम को स्थायी राजस्व का नया स्रोत मिलेगा, वहीं शहर के प्रमुख मार्गों पर आधुनिक और आकर्षक संकेतक भी स्थापित किए जा सकेंगे।
निगमायुक्त ने बताई योजना
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों और यात्रियों की सुविधा के लिए 70 नए मार्ग संकेतकों का निर्माण प्रस्तावित है। इनका निर्माण और विज्ञापन अधिकार देने के लिए टेंडर बुलाने का प्रस्ताव 17 अगस्त की MIC बैठक में मंजूरी के लिए रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव स्वीकृत होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ऐसे बढ़ेगी निगम की आय
नगर निगम ऐसी नीति तैयार कर रहा है, जिसमें मार्ग संकेतकों की उपयोगिता प्रभावित हुए बिना विज्ञापन प्रदर्शित किए जा सकें। दिशा-सूचक बोर्ड इस तरह डिजाइन किए जाएंगे कि वे दूर से स्पष्ट दिखाई दें और उन पर विज्ञापन के लिए अलग निर्धारित स्थान होगा।
नगर निगम का मानना है कि इस योजना से एक ओर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर विज्ञापनों के जरिए निगम की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।










