मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है और रविवार, 9 अगस्त को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वी और मध्य प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ इलाकों में अति भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव, सड़क मार्ग प्रभावित होने और बिजली गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, शहडोल और पांढुर्णा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलने के आसार हैं।
राजधानी भोपाल में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तापमान सामान्य रहने की उम्मीद है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा और उमस में भी कमी आएगी।
इंदौर में भी बारिश के आसार
इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। दिन में धूप निकलने के बाद अचानक बादल घिरने और बारिश होने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता सभी इलाकों में समान नहीं रहेगी।
बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। बीते 24 घंटों में चित्रकूट (सतना) और सीधी में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि खंडवा और खरगोन में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद जहां तापमान में राहत मिलेगी, वहीं बारिश थमने पर कुछ क्षेत्रों में उमस बढ़ सकती है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
अगस्त का महीना खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन क्षेत्रों में संतुलित बारिश हो रही है, वहां फसलों को फायदा मिलेगा। हालांकि लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि तेज बारिश, आंधी और वज्रपात के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें।










