किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार, सीएम मोहन यादव बोले- खेती से केवल घर नहीं चलता, बल्कि रोजगार भी मिलता है

Author Picture
By Raj RathorePublished On: July 30, 2026
Mohan Yadav For Farmers

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30 जुलाई को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को रफ्तार दे रही है। बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवा के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान नई तकनीक को आत्मसात करें। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती से केवल एक किसान का घर नहीं चलता है, बल्कि इससे सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं।

इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केला की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसान भाईयों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि वितरित की।

कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को आज से शुरु हुए पवित्र श्रावण मास की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली है। सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से कर लिए जाएं। प्रशासन सभी भक्तों के साथ है।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर देश-दुनिया में बनाई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर क्षेत्र अपनी उद्यानिकी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्वादिष्ट केला, हल्दी और कपास अपने आप में बेहद खास है। यहां सभी धर्मों के बीच मिलकर रहने की संस्कृति खेती में दिखाई देती है। यहां कृषि से लेकर कपड़ा, दवा से लेकर फर्नीचर और पाइप उपकरण से लेकर सब कुछ निर्माण होता है। कपास और कपड़ा उत्पादन के लिए सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है।

इससे प्रदेशभर के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिला, लेकिन इसके लिए मांग सबसे पहले बुरहानपुर जिसे से उठी। राज्य सरकार ऐसे सभी कल्याणकारी फैसलों के लिए किसानों के साथ खड़ी है। बुरहानपुर को केला फसल के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। अब केला से न केवल फल, बल्कि रेशे से कपड़ा निर्माण और सजावटी समान तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बिक्री के जरिए देश-दुनिया में बुरहानपुर को नई पहचान मिल रही है।