हमारी बेटियां किसी से कम नहीं… सीएम मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ का किया सम्मान

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By Raj RathorePublished On: July 22, 2026

मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश की सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़, उनके पिता नरसिंह और भाई महेंद्र सिंह का सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है।

राज्य में ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के अंतर्गत सांसद कप, विधायक कप के माध्यम से प्रदेश के हर विधानसभा और तहसील स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।

राज्य सरकार के इसी संकल्प परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी क्रिकेट टूर्नामेंट्स, ओलिम्पिक गेम्स, खेलो इंडिया गेम्स में पदक जीत कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

हमारी बेटियां किसी से कम नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बेटों के साथ-साथ हमारी बेटियां भी किसी से कम नहीं है। मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर पूरे देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने क्रांति को बधाई दी और कहा कि मध्यप्रदेश की लाड़ली बिटिया और हमारी छोटी बहन क्रांति प्रदेश में नई खेल क्रांति लेकर आईं हैं।

उन्होंने लॉर्ड्स के ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को खेल विभाग की तरफ से तीन लाख रुपए का चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर बुंदेलखण्ड की गौरव क्रांति गौड़ के सात विकेट लेकर बेहतरीन प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की तथा क्रांति को इस बड़ी उपलब्धि के लिए अपनी ओर से दो लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक भी सौंपा।

परिवार के सपोर्ट के बिना संभव नहीं था

क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने क्रिकेट खिलाड़ियों एवं मप्र खेल अकादमी के युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति ने कहा कि उन्होंने बचपन में अनेक संघर्षों के बीच यह तय कर लिया था कि उन्हें टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहननी है।

बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मंच तक की यात्रा माता-पिता और परिवार के सहयोग एवं समर्थन के बिना पूरी नहीं हो सकती थी। क्रांति ने कहा कि उनके सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने बारिश के मौसम में भी टपकते मकान के नीचे और रसोई में राशन नहीं होने जैसे मुश्किल से मुश्किल दिन भी गुजारे हैं।