प्रधानमंत्री आवास के पास मंगलवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं के धरने के दौरान उस समय हाई-वोल्टेज सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब शाम करीब 6:30 बजे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इससे पहले सरकार की ओर से राहुल गांधी से दो दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुए धरने के दौरान विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के निकट बैठे रहे। सरकार की ओर से बातचीत के प्रयास जारी रहे, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू की।
कांग्रेस नेताओं ने बनाया घेरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही 100 से अधिक पुलिसकर्मी धरना स्थल पर पहुंचे, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के चारों ओर घेरा बना लिया। पुलिस को उनके पास पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई, जिसके चलते मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, protesting with Opposition leaders and workers at Lok Kalyan Marg being detained by Delhi Police.
(ANI photo by Naveen Sharma) pic.twitter.com/Yk4oTXDdDw
— ANI (@ANI) July 21, 2026
करीब आधे घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग भी किया। बाद में दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को उठाकर बसों में बैठाया और हिरासत में लेकर वहां से रवाना किया।
सरकार की ओर से दो बार हुई बातचीत
धरना समाप्त कराने के प्रयास में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे। दोनों ने राहुल गांधी से बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक, जितेंद्र सिंह ने करीब 20 मिनट तक राहुल गांधी से चर्चा की।
इसके बाद जितेंद्र सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। शाह से चर्चा के बाद वह दोबारा राहुल गांधी के पास लौटे और एक बार फिर बातचीत की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।
जितेंद्र सिंह का दावा- राहुल ने बदली अपनी मांग
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बाद में सोशल मीडिया पर दावा किया कि राहुल गांधी की शुरुआती मांग NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की थी। उनके अनुसार, सरकार ने यह मांग स्वीकार कर ली थी।
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी मांग बदलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी। मंत्री के मुताबिक, इसी कारण बातचीत बेनतीजा रही और स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।









