कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों का संसद मार्च तनावपूर्ण हो गया है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद भवन के करीब पहुंच गए है और उन्होंने संसद परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत संसद की सुरक्षा बढ़ा दी और मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) को बंद कर दिया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग की, लेकिन भीड़ के आगे बढ़ने पर आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। घटना के समय संसद की कार्यवाही जारी थी और प्रधानमंत्री समेत सभी सांसद सदन के भीतर मौजूद थे।
राजीव चौक से संसद तक बढ़ा प्रदर्शन
इससे पहले प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए थे। सुबह करीब 10 बजे कई लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। संसद परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत जारी है और इसी को देखते हुए आंदोलनकारियों से फिलहाल आंदोलन स्थगित रखने की अपील की गई है।
वहीं CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज किए जाने का अनुरोध किया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि CJP प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।
हालांकि, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संसद परिसर समेत पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।










