पापा को आखरी सांस तक तड़पाओ… उर्मिला सैनी हत्याकांड में बेटी का छलका दर्द, बोली- मां को तड़पा तड़पाकर मारा

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By Raj RathorePublished On: July 13, 2026

इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में तीसरे दिन परिवार का दर्द एक बार फिर सामने आया। मृतका की 12 वर्षीय बेटी प्रेक्षा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसकी मां को बेहद बेरहमी से मार दिया गया और आरोपी को भी वैसी ही पीड़ा महसूस होनी चाहिए।

प्रेक्षा ने कहा, “पापा ने मम्मी को तड़पा-तड़पाकर मारा। उन्हें न फांसी दी जाए, न एनकाउंटर किया जाए, बल्कि वही दर्द महसूस कराया जाए जो मम्मी ने आखिरी सांस तक सहा।”

मौत के बाद भी किए कई हमले

प्रेक्षा ने बताया कि आरोपी ने सबसे पहला वार सिर पर किया, ताकि उसकी मां उठकर बचाव न कर सके। उसने दावा किया कि मौत के बाद भी शरीर पर कई बार चाकू से वार किए गए। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान थे। बेटी ने कहा कि उसकी मां ने अंतिम समय तक असहनीय पीड़ा सही होगी।

उसने बताया कि वह और उसका छोटा भाई जब स्कूल से लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और टीवी तेज आवाज में चल रहा था। अंदर पहुंचने पर उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। प्रेक्षा ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे भयावह पल बताया।

कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलना चाहिए

मृतका के पिता सत्यनारायण मालाकार ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि भोपाल स्थित मकान बेचकर उसकी पूरी राशि दोनों बच्चों के नाम की जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि उर्मिला सैनी की संपत्ति, बैंक खातों और अन्य सभी आर्थिक अधिकार केवल दोनों बच्चों को दिए जाएं तथा आरोपी को किसी भी प्रकार का आर्थिक लाभ न मिले।

शादी के बाद से ही करता था प्रताड़ित

सत्यनारायण मालाकार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। आरोपी उस पर लगातार चरित्र संदेह करता था, मोबाइल और चैट की निगरानी करता था तथा उसकी आय और एटीएम कार्ड पर भी नियंत्रण रखना चाहता था।

उन्होंने बताया कि उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार समझौता कराकर मामला शांत करा दिया जाता था।

आरोपी के परिजन बचाते रहे

मृतका के पिता का आरोप है कि आरोपी के माता-पिता हमेशा उसका पक्ष लेते रहे और उसकी हरकतों पर पर्दा डालते रहे। उनका कहना है कि वर्षों तक आरोपी उर्मिला के चरित्र पर संदेह करता रहा, लेकिन कभी कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सका।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्या से पहले आरोपी ने उर्मिला की कई योजनाओं और संपत्तियों में स्वयं को नॉमिनी बनवा लिया था।

कर्मचारियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

उर्मिला सैनी हत्याकांड को लेकर डाक विभाग के कर्मचारियों में भी आक्रोश है। अखिल भारतीय रेल डाक सेवा एवं मेल मोटर सेवा कर्मचारी संघ (वर्ग-3) मध्य प्रदेश सर्किल के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।

कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और पीड़ित परिवार के सदस्य मौजूद रहे।