नाना पटवारी पर युवती ने लगाए धोखाधड़ी के आरोप, प्लॉट दिलाने के नाम पर हड़पे लाखों रुपए

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By Raj RathorePublished On: July 13, 2026

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ड्रग्स मामले में पूछताछ के बीच अब एक युवती ने उनके खिलाफ लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि नाना पटवारी ने प्लॉट दिलाने और मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए, लेकिन पूरी राशि वापस नहीं की।

इंदौर के डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि युवती की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और नाना पटवारी को मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

प्लॉट खरीदने के नाम पर कराया सौदा

पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में युवती ने बताया कि वह बुटिक, फाइनेंस और रियल एस्टेट का व्यवसाय करती है तथा अपने बुजुर्ग पिता के साथ परिवार का पालन-पोषण करती है। उसने बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से नाना पटवारी को जानती है।

शिकायत के अनुसार, नाना पटवारी ने उसे राऊ बायपास स्थित शुभम बेली डीपीएस स्कूल के पास एक प्लॉट दिखाया और उसे खरीदने के लिए प्रेरित किया। प्लॉट का सौदा 36 लाख रुपये में तय हुआ था।

6 महीने में मुनाफा दिलाने का दिया था भरोसा

युवती का आरोप है कि नाना पटवारी ने भरोसा दिलाया था कि छह महीने के भीतर प्लॉट को दोबारा बेचकर करीब 5 लाख रुपये का लाभ दिला देंगे। इस आश्वासन के आधार पर दोनों के बीच एक अनुबंध भी हुआ।

शिकायत के मुताबिक, उसने बयाना राशि के रूप में विभिन्न माध्यमों से कुल 13 लाख रुपये नाना पटवारी को दिए थे। इसके बदले में उसे प्लॉट से संबंधित दो डायरियां दी गईं, जिन्हें बाद में नाना पटवारी ने वापस ले लिया।

‘सिर्फ 7.5 लाख लौटाए, 5.5 लाख अब तक बकाया’

युवती का आरोप है कि डायरियां वापस लेने के बाद नाना पटवारी ने कुल 13 लाख रुपये में से केवल 7.5 लाख रुपये ही लौटाए। शेष 5.5 लाख रुपये कई बार मांगने के बावजूद वापस नहीं किए गए।

उसका कहना है कि उसने कई बार फोन और अन्य माध्यमों से संपर्क कर अपनी बकाया राशि मांगी, लेकिन न तो पैसे लौटाए गए और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला।

पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच

पुलिस का कहना है कि ड्रग्स मामले की जांच के साथ-साथ युवती द्वारा लगाए गए वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। शिकायत में प्रस्तुत दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।