भोपाल कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत से तीखी बहस हो गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच उंगली दिखाकर बहस हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बैठक में भोपाल के मास्टर प्लान को लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया। इसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए अपनी बात रखी। इस पर विधायक आरिफ मसूद नाराज हो गए और कहा, “तुम बनाओगे क्या… तुम क्या हो? अब तुम हमें सिखाओगे? हम सांसद जी से बात कर रहे हैं।”
इसके जवाब में प्रमोद सिंह राजपूत ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “औकात में रहकर बात करो। तेज आवाज में बात करने से कुछ नहीं होगा।” दोनों के बीच करीब दस मिनट तक तीखी बहस होती रही।
बाद में आरिफ मसूद ने कहा कि वे सांसद से चर्चा कर रहे थे और बीच में हस्तक्षेप करना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि भोपाल का मास्टर प्लान इसी तरह लंबित रहा तो शहर का सुनियोजित विकास संभव नहीं होगा।
स्मार्ट सिटी परियोजना पर भाजपा विधायक ने उठाए सवाल
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना ने भोपाल की स्थिति बिगाड़ दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई जगह लिफ्टें खराब हैं, कम्युनिटी हॉल का निर्माण नहीं हुआ और दशहरा मैदान की स्थिति भी खराब हो गई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉट छोटे किए जाएं ताकि उनकी बिक्री बढ़े और परियोजना को आर्थिक लाभ मिल सके।
भाजपा विधायक की बात पर कांग्रेस ने भी जताई सहमति
भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी की बात का कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि वरिष्ठ विधायक इस तरह की समस्याएं उठा रहे हैं तो अधिकारियों को उन्हें गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए।
बैठक में स्मार्ट सिटी बोर्ड के चेयरमैन एवं कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी सभी समस्याओं की अलग से समीक्षा कर समाधान किया जाएगा। वहीं, भोपाल की महापौर मालती राय ने कहा कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी समस्याएं भी समय पर दूर नहीं हो पा रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी गठित करने का सुझाव दिया, ताकि कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की मांग
बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान का जल्द लागू होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मास्टर प्लान को लागू कराने की मांग करेंगे।
बैठक में भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव के अनुसार इसके अध्यक्ष संभागायुक्त होंगे, जबकि भोपाल और सीहोर के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही भोपाल को आधिकारिक रूप से वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग भी बैठक में उठाई गई।










