उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों और बेसहारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि पात्र वृद्धजन और निराश्रित महिलाओं को अब प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। बढ़ी हुई पेंशन राशि से बुजुर्गों और बेसहारा महिलाओं को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा का सहारा मिलेगा।
बुजुर्गों को मिलेगा बड़ा सहारा
सरकार की इस पहल का लाभ प्रदेश के लाखों वृद्धजन और निराश्रित महिलाओं को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकार इन वर्गों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर भी उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें समग्र लाभ मिल सके।
आवास योजनाओं से भी जुड़ेंगे लाभार्थी
राज्य सरकार पात्र लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से भी जोड़ेगी। इसके तहत जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपचार में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
इसके अलावा लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित और बेहतर आवास की सुविधा मिल सके।
सम्मानजनक जीवन की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बुजुर्गों और बेसहारा महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाना है। पेंशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी सुविधाओं के माध्यम से उन्हें सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश के लाखों जरूरतमंद लोगों के लिए राहत और सम्मान का माध्यम बनेगी तथा उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद करेगी।










