सीएम योगी ने बीएचयू में निर्माणाधीन नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का किया निरीक्षण, समय से काम पूरा करने के दिए निर्देश

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By Raj RathorePublished On: June 13, 2026
CM Yogi Varanasi Visit

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने बीएचयू प्रशासन और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

बुजुर्गों को मिलेगा आधुनिक उपचार

निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं को समर्पित एक अत्याधुनिक संस्थान होगा। 200 बिस्तरों वाले इस सेंटर में वृद्ध मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सेंटर में जेरिएट्रिक (वृद्धावस्था चिकित्सा) ओपीडी, मेमोरी क्लीनिक, अर्थराइटिस क्लीनिक, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी सुविधाएं, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, प्राइवेट वार्ड, डे-केयर सेंटर और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध होंगी।

शिक्षा और अनुसंधान को भी मिलेगा बढ़ावा

यह केंद्र देश का तीसरा और उत्तर भारत का प्रमुख जरा चिकित्सा संस्थान होगा। इसके शुरू होने से पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ केवल उपचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरा चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

साथ ही एमडी जेरिएट्रिक मेडिसिन की सीटों में वृद्धि, वरिष्ठ चिकित्सकों और सीनियर रेजिडेंट्स के पदों का विस्तार तथा वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यहां नई उपचार पद्धतियों के विकास और बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने पर भी काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि जेरिएट्रिक मेडिसिन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई पहचान भी दिलाएगी।