Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी विकास सौगात दी है। 31 मई को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 388 करोड़ रुपये की लागत वाले 43 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल और 4 सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में शुजालपुर और शाजापुर जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार लगातार विकास कार्यों को गति दे रही है और हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं।
कांग्रेस पर जमकर बरसे सीएम मोहन यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। सीएम ने कहा, संभावनाओं से भरे इस प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक न बिजली थी, न सड़क और न पानी की व्यवस्था। कांग्रेस अपने कर्मों का फल भुगत रही है और इसी कारण देशभर से उसका सूपड़ा साफ होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम काल से गुजर रहा है और मध्यप्रदेश सरकार भी उसी गति से विकास कार्य कर रही है।

कांग्रेस को लापरवाह नेता मुबारक
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ऐसा प्रदेश अध्यक्ष पहली बार देखा गया है जिसका उम्मीदवार चुनाव के दौरान ही भाग जाए।
सीएम ने तंज कसते हुए कहा, जो नेता 40 हजार वोट से चुनाव हार गया, वही आज कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष है। कांग्रेस को ऐसे लापरवाह नेता मुबारक। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और संगठन की मजबूत कार्यशैली का परिणाम है।
मेडिकल कॉलेज को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1956 से लेकर कांग्रेस शासन के 55 वर्षों में प्रदेश को केवल 5 मेडिकल कॉलेज मिले, जबकि उनकी सरकार ने मात्र दो वर्षों में 7 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए हैं।उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर खरीद तक नहीं करती थी, जबकि आज प्रदेश सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस के समय स्कूलों में बच्चों को टाट-पट्टी तक नहीं मिलती थी और कई जगह पेड़ों के नीचे पढ़ाई होती थी। उन्होंने कांग्रेस से इन व्यवस्थाओं के लिए जनता से माफी मांगने की बात भी कही।











