यूपी के 1.40 लाख स्कूलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, योगी सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान

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By Raj RathorePublished On: May 30, 2026
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उत्तरप्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन कराया जाएगा। इस अभियान के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, माध्यमिक और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों समेत कुल 1 लाख 40 हजार 555 स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित और संरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में स्थित विद्यालयों का वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

भवन से लेकर अग्नि सुरक्षा तक होगी जांच

सुरक्षा ऑडिट के दौरान विद्यालय भवनों की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, आपदा प्रबंधन की तैयारियां, स्वच्छता सुविधाएं, प्रवेश और निकास व्यवस्था समेत विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।

इसके साथ ही संभावित जोखिमों की पहचान कर उनके समाधान के लिए विस्तृत सुझाव भी तैयार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

जेम पोर्टल के जरिए हुआ चयन

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भारत सरकार के जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के तहत बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड का चयन किया गया है। शुक्रवार को इस संबंध में औपचारिक अनुबंध भी किया गया।

इस दौरान महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, प्रभारी शिक्षा निदेशक माध्यमिक सुरेंद्र कुमार तिवारी, शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं कंपनी की ओर से चीफ बिजनेस ऑफिसर कुलदीप पाठक और चीफ मैनेजर ब्रजेश कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।

अभिभावकों का भरोसा होगा मजबूत

अधिकारियों के मुताबिक यह कार्यक्रम केवल सुरक्षा मानकों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों में सुरक्षा जागरूकता और जोखिम प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था विकसित करने में भी मदद करेगा।

प्रत्येक विद्यालय के लिए अलग-अलग सुरक्षा जोखिमों की पहचान कर सुधारात्मक सुझाव दिए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का विश्वास और मजबूत होगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय में सुरक्षा के उच्चतम मानक स्थापित करना है।