MP Cabinet Expansion : मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार में जून के अंत तक बड़े मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर चल रही बैठकों और चर्चाओं के बीच माना जा रहा है कि दिल्ली से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद राज्य मंत्रिपरिषद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक 5 से 6 मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि 7 से 8 नए विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की तैयारी है।
फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य मंत्रिपरिषद में कुल 31 सदस्य हैं, जबकि अब भी 4 पद खाली पड़े हैं। राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि 23 से 30 जून के बीच विस्तार और फेरबदल की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
वरिष्ठ मंत्रियों की बदलेगी भूमिका
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार के कुछ वरिष्ठ चेहरों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें तेज हैं।
वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को संगठन या केंद्र की राजनीति में नई जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा चल रही है।
कई मंत्रियों पर संकट के बादल
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का नाम भी चर्चाओं के केंद्र में है। सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए उनके बयान का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। इस वजह से शाह की मंत्रिमंडल से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, राधा सिंह और प्रतिमा बागरी के कामकाज से सरकार खुश नहीं है। ऐसे में इन मंत्रियों की मोहन यादव कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है।
नए चेहरों को मिलेगा मौका
मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की जा सकती है। सागर जिले से विधायक शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इनके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी की भी कैबिनेट में वापसी हो सकती है। इंदौर से मालिनी गौड़ को भी मंत्री बनाया जा सकता है।
विभागों में होगा बड़ा फेरबदल
सूत्रों की मानें तो इस बार सिर्फ नए मंत्रियों की एंट्री या कुछ चेहरों की विदाई तक मामला सीमित नहीं रहेगा। सरकार अधिकांश मंत्रियों के विभागों में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि अगले डेढ़ साल के राजनीतिक और प्रशासनिक एजेंडे को ध्यान में रखते हुए भाजपा नई रणनीति के साथ टीम तैयार करना चाहती है।











