लालू यादव का बेटा तेज प्रताप भी निकला सीएम योगी का प्रशंसक, बोला – मैं अखिलेश यादव को सपोर्ट नहीं करता हूं

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By Raj RathorePublished On: May 24, 2026
Tej Pratap Yadav on Yogi Adityanath

बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरों में शामिल तेज प्रताप यादव इन दिनों उत्तर प्रदेश के धार्मिक दौरे पर हैं। वाराणसी में बाबा विश्वनाथ और मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसने यूपी और बिहार दोनों राज्यों की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

मिर्जापुर के विंध्याचल में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस बार योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने जा रहे हैं।

अखिलेश यादव को लेकर दिया बड़ा बयान

पत्रकारों ने जब उनसे उत्तर प्रदेश चुनाव और समाजवादी पार्टी को लेकर सवाल पूछा, तो तेज प्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा, “मैं अखिलेश यादव को सपोर्ट नहीं करता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “बिहार का चुनाव आपने देखा ही होगा कि हमारी पार्टी ने किस तरह प्रदर्शन किया। राजनीति में हार-जीत लगी रहती है, लेकिन इस बार पूरा चांस है कि योगी जी दोबारा यानी तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का काम करेंगे।”

धार्मिक दौरे के बीच दिया बयान

तेज प्रताप यादव इन दिनों उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों के दर्शन कर रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह मिर्जापुर के विंध्याचल पहुंचे, जहां मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।

इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने योगी सरकार के कामकाज और आगामी चुनाव परिणाम को लेकर अपनी राय रखी। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रिश्तेदारी के बावजूद अखिलेश से दूरी

दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप यादव और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच पारिवारिक रिश्ते भी बताए जाते हैं और दोनों के निजी संबंध भी अच्छे माने जाते हैं।

इसके बावजूद तेज प्रताप का सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव को समर्थन न देने और योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने वाला बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

तेज प्रताप यादव के इस बयान को लेकर अब राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर यूपी चुनाव से पहले विपक्षी दलों के समीकरणों को लेकर इसे अहम संकेत माना जा रहा है।