श्री रणजीत हनुमान मंदिर जल्द ही श्रद्धालुओं को नए और भव्य स्वरूप में दिखाई देगा। इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित इस अतिप्राचीन मंदिर परिसर में ‘रणजीत लोक’ का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट को अगले डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार सिंहस्थ से पहले श्रद्धालुओं को यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ भव्य धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा।
आधुनिक सुविधाएं
रणजीत लोक परियोजना का काम वर्ष 2025 में शुरू हुआ था और अब इसका स्वरूप धीरे-धीरे नजर आने लगा है। योजना के तहत मंदिर परिसर में नई बाउंड्रीवॉल, 25 फीट चौड़ा पाथवे और विशेष दर्शन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर और पार्किंग क्षेत्र में भी कई विकास कार्य किए जाएंगे, जिन्हें दूसरे चरण में शामिल किया गया है।
सुंदरकांड और हनुमान चालीसा से सजेगी दीवारें
मंदिर की बाउंड्रीवॉल पर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के प्रसंगों को उकेरा जाएगा। इससे पूरा परिसर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल से भर जाएगा।
परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए आधुनिक एलईडी लाइटिंग भी लगाई जाएगी। वहीं पुरानी पार्किंग वाले हिस्से में जिकजैक रैलिंग के साथ दर्शन कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिस पर श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेड भी लगाया जाएगा।
रणजीत लोक परियोजना के तहत 10 नए कमरे भी बनाए जा रहे हैं। इनका उपयोग प्रसाद कक्ष, दवा केंद्र, अमानती सामान घर, बेबी फीडिंग रूम और जलसेवा केंद्र के रूप में किया जाएगा। साथ ही मंदिर के अन्नक्षेत्र का भी विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
लाइव दर्शन के लिए LED स्क्रीन
मंदिर परिसर में बाबा के लाइव दर्शन के लिए बड़े एलईडी टीवी भी लगाए जाएंगे, जिससे दूर खड़े श्रद्धालु भी आसानी से दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि पूरा निर्माण मंदिर प्रबंधन की ओर से कराया जा रहा है और काम को भव्यता के साथ पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दानदाताओं का सहयोग
मंदिर प्रबंधन ने इस वृहद परियोजना के लिए दानदाताओं से सहयोग की अपील भी की है। इसके लिए अलग बैंक खाता और क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सीमेंट, रेत और सरिया जैसी निर्माण सामग्री भी दान कर सकते हैं। इसके लिए मंदिर कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।










