सोशल मीडिया पर छाए श्रवण सिंह चावड़ा, प्रदेश के सबसे प्रभावी डिजिटल लीडर के रूप में उभरकर आए सामने

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By Raj RathorePublished On: May 8, 2026
Shravan Singh Chawda

Shravan Singh Chawda : मध्यप्रदेश भाजपा संगठन लगातार “डिजिटल बूथ” और “सोशल मीडिया वॉरियर्स” जैसे अभियानों पर फोकस कर रहा है। इसी बीच प्रदेश भाजपा जिलाध्यक्षों की फेसबुक, ट्विटर (एक्स ) और इंस्टाग्राम पर मौजूदगी और सक्रियता को लेकर किए गए संयुक्त विश्लेषण में श्रवण सिंह चावड़ा सबसे प्रभावी और संतुलित डिजिटल लीडर के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

रिपोर्ट में सामने आया कि प्रदेश के अधिकांश जिलाध्यक्ष अभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीमित सक्रियता रखते हैं, जबकि इंदौर ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने तीनों बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

इंस्टाग्राम पर प्रदेश में नंबर-1

रिपोर्ट के मुताबिक श्रवण सिंह चावड़ा इंस्टाग्राम पर सबसे मजबूत डिजिटल पकड़ रखने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष बनकर सामने आए हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 78,800 फॉलोअर्स हैं, जो प्रदेश के अन्य जिलाध्यक्षों की तुलना में कई गुना ज्यादा बताए गए हैं।

Shravan Singh Chawda

विश्लेषण में कहा गया कि युवा वर्ग और प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक उनकी पहुंच सबसे प्रभावी दिखाई दी। रील्स, वीडियो कंटेंट और लगातार डिजिटल एक्टिविटी ने उन्हें सोशल मीडिया पर अलग पहचान दिलाई है।

ट्विटर पर भी टॉप लीडर्स में शामिल

राजनीतिक संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म X पर भी श्रवण सिंह चावड़ा प्रदेश के शीर्ष नेताओं में शामिल रहे। रिपोर्ट के अनुसार 4,286 फॉलोअर्स के साथ वे प्रदेश भाजपा जिलाध्यक्षों में दूसरे स्थान पर हैं।

विशेष बात यह रही कि कई जिलाध्यक्ष जहां 50 फॉलोअर्स तक भी नहीं पहुंच पाए, वहीं इंदौर ग्रामीण भाजपा की डिजिटल सक्रियता लगातार मजबूत दिखाई दी।

फेसबुक पर भी मजबूत उपस्थिति

फेसबुक पर धार भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश भारती पहले स्थान पर बताए गए, लेकिन संयुक्त विश्लेषण में श्रवण सिंह चावड़ा को सबसे संतुलित डिजिटल नेतृत्व वाला नेता माना गया। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी तीनों प्लेटफॉर्म पर सक्रियता, एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म पहुंच उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।

डिजिटल सक्रियता बेहद कमजोर

रिपोर्ट में प्रदेश भाजपा के कई जिलाध्यक्षों की कमजोर डिजिटल उपस्थिति भी सामने आई। अध्ययन के अनुसार:

  • 23 जिलाध्यक्षों के ट्विटर (एक्स ) पर 50 से कम फॉलोअर्स है।
  • कई नेता इंस्टाग्राम पर लगभग निष्क्रिय है।
  • कुछ जिलाध्यक्ष केवल फेसबुक तक सीमित दिखाई दिए।
  • अधिकांश जिलों में वीडियो और रील्स आधारित राजनीतिक कंटेंट की कमी पाई गई।

विशेष रूप से कमलेश कुशवाह, महाराज सिंह दांगी और जसमंत जाटव जैसे नेताओं की सोशल मीडिया उपस्थिति बेहद सीमित बताई गई।