उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित श्रमवीर गौरव समारोह 2026 में घोषणा की कि राज्य के हर श्रमिक परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12.26 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं, जिनके जरिए उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।
शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी जल्द इस योजना से जोड़ा जाएगा। अनुमान है कि इससे 75 से 80 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि सरकार का लक्ष्य 1 करोड़ श्रमिक परिवारों यानी करीब 5 करोड़ लोगों तक सुविधा पहुंचाना है।
बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा
कार्यक्रम में अटल आवासीय विद्यालय के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने अपनी मेहनत से अपने परिवार का नाम रोशन किया है।
आवास से शौचालय तक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत करोड़ों लोगों को आवास और बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को आवास और 2 करोड़ 61 लाख परिवारों को शौचालय की सुविधा दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अब आपदा के समय केवल जमीन मालिक ही नहीं, बल्कि खेतों में काम करने वाले श्रमिकों और बटाईदारों को भी मुआवजा मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जा रहा है।
मजदूरी नहीं दी तो होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी श्रमिक को काम के बदले पूरा भुगतान नहीं मिलता, तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। “काम किया है तो पूरा दाम भी मिलेगा”—इस सिद्धांत पर सरकार काम कर रही है।
श्रमिकों की सुविधा के लिए राज्य के सभी 75 जिलों में ESIC औषधालय स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल 41 जिलों में 116 औषधालय संचालित हैं, जबकि बाकी 34 जिलों में भी जल्द यह सुविधा शुरू होगी।











