मध्यप्रदेश के अफसरों का सोम डिस्टिलरीज के प्रति प्रेम कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। आबकारी विभाग के अधिकारियों के बाद अब जीएसटी अधिकारी निर्मल परिहार भी अपने आप को इस कंपनी से मोहब्बत करने से रोक नहीं पाए।
इसी प्रेम के चक्कर में भोपाल सर्किल 5 में पदस्थ प्रभारी सहायक आयुक्त निर्मल परिहार ने सोम डिस्टिलरीज से 83 करोड़ रुपए का टैक्स वसूलना सही नहीं समझा। निर्मल के सोम प्रेम की कहानी जब जीएसटी कमिश्नर अनय द्विवेदी के पास पहुंचीं तो उन्होंने परिहार को प्रेम कहानी का अंत कर दिया।
आबकारी विभाग से लिए 427 करोड़
बता दे कि मेसर्स सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज भोपाल सर्किल 5 में रजिस्ट्रेशन यूनिट में शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग ने दो किश्तों में कुल मिलकर 427.89 करोड़ रुपए की वैट राशि दी थी।
सोम ने आबकारी से लिए 427 करोड़
भोपाल सर्किल 5 में रजिस्ट्रेशन यूनिट में मेसर्स सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज भी शामिल है। आबकारी विभाग ने वित्तीय साल 2025-26 में इस कंपनी को एक बार 234.91 करोड़ रुपए और फिर 192.98 करोड़ रुपए की वैट राशि दी, यानी कुल मिलाकर 427.89 करोड़ रुपए दिए गए।
जीएसटी विभाग को नहीं दी पूरी राशि
नियमों के अनुसार, सोम डिस्टिलरीज को जीएसटी विभाग में आबकारी विभाग से मिले 427 करोड़ 89 लाख रुपए जमा करने थे। लेकिन कंपनी ने पहले 197.35 करोड़ और फिर 147 करोड़ रुपए, कुल मिलाकर 344.36 करोड़ रुपए ही जमा किए।
निर्मल का सोम प्रेम
427.89 करोड़ की जगह सोम डिस्टिलरीज ने 344.36 करोड़ रुपए भरकर जीएसटी विभाग को 83 करोड़ रुपए कम दिए। हैरानी की बात यह रही की सहायक आयुक्त निर्मल परिहार ने कंपनी पर इतनी बड़ी राशि जमा नहीं करने पर भी कोई एक्शन नहीं लिया था।
निर्मल के इस सोम प्रेम की वजह से जीएसटी विभाग को राजस्व का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं जो अग्रिम टैक्स मिलना था वो भी देरी से मिला और ब्याज का नुकसान भी हुआ।
निर्मल की जान बूझकर की गई लापरवाही पर स्टेट जीएसटी कमिश्नर द्विवेदी ने तुरंत एक्शन लिया, उन्हें निलंबित करते हुए संभागीय उपायुक्त भोपाल संभाग एक में अटैच कर दिया है और हर दिन वहां उपस्थिति देने का निर्देश दिया गया है।











