पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) की भोपाल इकाई ने ‘राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस-2026’ के अवसर पर एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। 26 अप्रैल को जेके अस्पताल के सीएमई हॉल में आयोजित इस समारोह में पत्रकारिता और जनसंपर्क के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप-संचालक सुनील वर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित ‘लोक संपर्क सम्मान’ से नवाजा गया।
यह सम्मान सुनील वर्मा की जनसंपर्क के प्रति गहरी निष्ठा और समर्पण को दर्शाता है। विभाग में उन्हें एक विश्वसनीय और प्रेरणास्रोत के रूप में जाना जाता है। उनके कार्यों ने जनसंपर्क के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है, जिसे इस सम्मान के माध्यम से सराहा गया है।
जनसंपर्क का मानवीय चेहरा : सुनील वर्मा
सुनील वर्मा ने अपने व्यक्तित्व और कार्यशैली से यह सिद्ध किया है कि जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है। यह लोगों के साथ एक संवेदनशील और भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने की प्रक्रिया भी है। उनका सरल, सौम्य और विनम्र स्वभाव उन्हें सभी वर्गों के बीच लोकप्रिय बनाता है।
वे अपने सहयोगियों और आमजन दोनों के प्रति समान रूप से संवेदनशील रहते हैं। सभी का ध्यान रखने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान स्थापित हुई है। संवाद को सशक्त बनाने, सूचनाओं को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने और शासन तथा जनता के बीच एक मजबूत कड़ी बनने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
समर्पण और नवाचार के लिए विशेष सम्मान
सुनील वर्मा को यह ‘लोक संपर्क सम्मान’ जनहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और जनसंपर्क के क्षेत्र में किए गए नवाचारों ने विभाग को नई दिशा दी है। उनके प्रयासों से सूचना प्रवाह में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आई है।
कार्यक्रम में सुनील वर्मा के साथ ही जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक निहारिका मीणा और हिमांशी बजाज को भी सम्मानित किया गया। मंच पर इन सभी हस्तियों को वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर, प्रख्यात साहित्यकार उर्मिला शिरीष और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. नरेंद्र कुमार थापक ने सम्मानित किया।
बदलते जनसंपर्क पर हुआ गहन विमर्श
सम्मान समारोह के साथ ही कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गहन विचार-विमर्श भी हुआ। इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका और समाज के साथ प्रभावी संवाद की आवश्यकता जैसे अहम विषयों पर चर्चा की गई। यह आयोजन सिर्फ सम्मान प्रदान करने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह अनुभवों के आदान-प्रदान और नए विचारों को साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ। वक्ताओं ने बदलते मीडिया परिदृश्य और जनसंपर्क की भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।











