निगम-मंडलों में नियुक्तियां शुरू, इंदौर-भोपाल प्राधिकरणों का मामला होल्ड पर, स्वप्निल कोठारी को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?

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By Raj RathorePublished On: April 26, 2026
Indore IDA Chairman

मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार ने निगम-मंडलों में नियुक्तियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा अपने वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को उपकृत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, सबसे ज्यादा घमासान इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरणों के बोर्ड पर देखा जा रहा है। इन दोनों शहरों के प्राधिकरणों से संबंधित मामलों को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।

संगठन की मंशा है कि प्राधिकरणों में अध्यक्ष पद के साथ ही पूरे राजनीतिक बोर्ड का गठन भी एक साथ किया जाए। इसी कारण अध्यक्ष और बोर्ड सदस्यों के नामों पर गहन मंथन जारी है। भाजपा सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल बीत चुका है, और वरिष्ठ नेताओं की इच्छा है कि बोर्ड में अन्य नेताओं को भी पद देकर समायोजित किया जाए।

इंदौर प्राधिकरण: अध्यक्ष पद पर घमासान

इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेता हरिनारायण यादव का नाम लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई है। हरिनारायण यादव की गिनती मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खास समर्थकों में होती है। वे 90 के दशक में एलआईजी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि वे तब विपिन खुजनेरी से जीत नहीं पाए थे।

यादव इससे पहले इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड में दो बार उपाध्यक्ष और संचालक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस बार वे अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने के लिए प्रयासरत हैं। यादव के अलावा, आईडीए अध्यक्ष पद की दौड़ में मुकेश राजावत और दीपक जैन (टीनू) के नाम भी चर्चा में हैं।

दीपक जैन (टीनू) को इस बार भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि संगठन ने उनके लिए कुछ और बड़ी जिम्मेदारी सोच रखी है। इसी कारण जैन का दावा भी मजबूत माना जा रहा है।

बोर्ड में कांग्रेस से आए नेताओं को भी जगह?

यदि इंदौर विकास प्राधिकरण का राजनीतिक बोर्ड बनता है, तो उसमें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कुछ नेताओं को भी स्थान मिल सकता है। यह कदम पार्टी में आए नए चेहरों को समायोजित करने और उन्हें जिम्मेदारी देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

इन नियुक्तियों के बीच, स्वप्निल कोठारी का नाम भी युवा आयोग के अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में है। सरकार विभिन्न निगम-मंडलों में जल्द से जल्द नियुक्तियां कर पार्टी कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करना चाहती है।