पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के पत्रकारों के लिए एक बड़ा चुनावी ऐलान किया है। पार्टी ने शनिवार को घोषणा की कि अगर वह प्रदेश में सत्ता में आती है, तो सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह घोषणा कोलकाता प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले पत्रकारों को बिना किसी भेदभाव के प्रदान की जाएगी, चाहे वे पार्टी के पक्ष में लिखते हों या विपक्ष में। भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि पार्टी पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों का पूरा सम्मान करती है।
इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य मीडिया जगत से जुड़े लोगों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना और उनमें सुरक्षा की भावना को मजबूत करना बताया गया है। हालांकि, पार्टी का मानना है कि निर्धारित राशि बहुत अधिक नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी बताया कि इस योजना को कैसे लागू किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी और रूपरेखा बाद में साझा की जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में विभिन्न राजनीतिक दल महिलाओं, किसानों और बेरोजगार युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, जिससे सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
चुनावी रण में राष्ट्रीय नेताओं की हुंकार
पश्चिम बंगाल में मौजूदा चुनावी सरगर्मी के बीच, भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लगातार प्रचार अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में, शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में धुपगुड़ी और बांकुड़ा में चुनावी रैलियों को संबोधित करने पहुंचे।
“जिस बंगाल ने पूरे देश को ‘राष्ट्रवाद’ और ‘अध्यात्म’ की राह दिखाई, उस बंगाल को टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति ने बर्बाद करके रख दिया है। बंगाल के गौरव की पुनर्स्थापना के लिए डबल इंजन की सरकार आवश्यक है। बंगाल को घुसपैठियों की धरती नहीं, मां काली, मां दुर्गा, मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना है, डबल इंजन की भाजपा सरकार बनाना है।” — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाया और ‘डबल इंजन’ की सरकार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल को घुसपैठियों की धरती के बजाय मां काली, मां दुर्गा और मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के कई अन्य दिग्गज नेता भी राज्य में सघन प्रचार कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक पारा अपने चरम पर है।
राज्य में मौजूदा चुनावी परिदृश्य
पश्चिम बंगाल में वर्तमान चुनावी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हो रही है। पहले चरण के लिए 152 सीटों पर मतदान 23 अप्रैल को निर्धारित किया गया था, जिसमें हल्दिया जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल थीं। वहीं, दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान 29 अप्रैल को होना है, जिसमें भवानीपुर जैसी सीटें भी शामिल हैं। इन चुनावी गतिविधियों के बीच भाजपा का यह नया वादा 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।











