कृषि मंत्री ने वन शहीद स्मारक का किया लोकार्पण

Author Picture
By Raj RathorePublished On: April 12, 2026
CG Agriculture Minsiter

आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

मंत्री रामविचार नेताम ने आयोजित कार्यक्रम में वन शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि परिसर में निर्मित शहीद स्मारक उन वन कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने कर्तव्य पालन के दौरान नक्सलियों के हाथों अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं विषम परिस्थितियों में वनों और पर्यावरण की सुरक्षा करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है।

वन कर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वन संपदा और वन्य प्राणियों की रक्षा में जुटे रहते हैं। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई, वनाग्नि, अवैध कब्जा और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से वनों को लगातार खतरा बना हुआ है, ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने वन शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि वनों और पर्यावरण के कारण ही मानव जीवन संभव है, इसलिए इनकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जंगलों पर आश्रित हैं, इसलिए वनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं से अनेक वनस्पतियां, औषधीय पौधे, जड़ी-बूटियां एवं वन्य प्राणी नष्ट हो रहे हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे वनों की रक्षा के लिए आगे आएं और अवैध कटाई, अवैध कब्जा एवं वनाग्नि जैसी गतिविधियों को रोकने में सहयोग करें।

उन्होंने बढ़ती गर्मी के मौसम में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने तथा अमानवीय कृत्यों पर सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध वन संपदा का संरक्षण करे।